इलाहाबाद में गंगा-यमुना का जलस्तर घटा, लोगों ने ली राहत की सांस

इलाहाबाद (उत्तम हिन्दू न्यूज): प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर घटने से निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों ने राहत महसूस की है। गंगा और यमुना का जल प्रयाग के कोतवाल कहे जाने वाले बड़े हनुमान का अभिषेक करने मंदिर के मुंहाने पर बुधवार को जब पहुंच गया था, तब लोगों में दो साल पहले आयी बाढ़ की परेशानियों को याद कर सिहरन पैदा होने लगी थी। अब जलस्तर कम होने से थोड़ी राहत महसूस कर रहे हैं।

लोगों का कहना है कि अभी बाढ़ के पानी को घटना नहीं कहा जा सकता। इससे पहले लगता था कि दोनो नदियों का जल हनुमान जी को स्पर्श नहीं करेंगी लेकिन देखते ही देखते हालत खराब हो गये और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के मकानों तक में बाढ़ का पानी घुस गया। उनका कहना है कि अगर बाढ़ का पानी लगातार एक सप्ताह तक घटता रहा तब थोड़ा राहत महसूस किया जा सकता है।

पिछले सालों में आयी बाढ़ से हुई परेशानियों को यादकर लोग सिहर उठते हैं। दो साल पहले आयी बाढ़ ने उन्हें काफी दर्द दिया था। इस बार ऐसा न/न हो इसलिए भगवान से दुआ करते हैं। कृष्णा नगर निवासी सुखदेव, राम निहाेर ने बताया कि जब गंगा जी बंधवा स्थित बड़े हनुमान जी को नहला देंगी तो इस मुहल्ले के करीब दो दर्जन मकानों में पानी घुस जायेगा। निचले कुछ क्षेत्रों के मकानों में बाढ का पानी घुस गया जबकि शहर के कुछ इलाकों में बस्ती के काफी करीब बाढ़ का पानी पहुंच गया है। घाट किनारे दर्जनों दुकानदारों, तीर्थपुरोहितों और घाटियों ने अपना सामान समेट कर बंधा पर रखा था।

एक तरफ जहां लोग बाढ़ की कल्पना से सिहर रहे हैं वहीं लोग मंदिर के करीब पानी आने से उसके पास की सडकों पर सेल्फी का आनंद उठा रहे हैं। सड़क पर खड़े होकर सेल्फ ले रहे युगल दीपक और मनोरमा ने बताया कि हम हनुमान जी का दर्शन करने आये थे। पार्क में पेडों के बीच पानी भरा मनोरम दृश्य देखकर एक सेल्फी लेने से वह अपने को रोक नहीं पाये।

बक्शीबांध, ढ़रहरिया, कैलशपुरी, छोटा बघाड़ा बड़ा बघाड़ा और सलोरी आदि क्षेत्रों में बाढ़ का पानी सडकों पर आने से कीचड़ भरा है जिससे लोगों को आने जाने में परेशानी हो रही है।
 

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