मसूद अजहर पर शिकंजा, वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए UN में प्रस्ताव देगा फ्रांस

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) : देश में खतरनाक आतंकी हमलों को अंजाम देने वाले जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर शिकंजा कसने की मुहिम तेज हो गई है। इस मुहिम को आज उस समय बल मिला जब फ्रांस ने कहा कि वह 
मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने की मांग करेगा। इस संबंध में फ्रांस संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव भी देगा। अगर फ्रांस मसूद अजहर के खिलाफ प्रस्ताव लाता है तो अजहर पर शिकंजा कसता चला जाएगा। दरअसल भारत में कई आतंकी हमलों के पीछे मसूद अजहर का हाथ है। अजहर पर हमेशा से चीन ने अड़ंगा डाला है जबकि कई देश भारत के साथ हैं जिनमें फ्रांस भी शामिल हो गया है।


अजहर ने साल 2000 में पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद का गठन किया। इसके बाद उसने भारत में कई बड़े हमलों को अंजाम दिया था जिसमें भारतीय संसद पर हमला, पठानकोट हमला, उड़ी में आर्मी कैंप पर हमला और हाल ही में पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुआ हमला भी शामिल है। अजहर को 1994 में भारत ने गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ करने में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी थी। एक थप्पड़ में ही वो सब उगलने लगा था। ये जानकारी पूर्व पुलिस अधिकारी अविनाश मोहनाने ने दी जिन्होंने 1994 में अजहर की गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की थी। अजहर पुर्तगाल के पासपोर्ट पर बांग्लादेश के रास्ते भारत में घुसा था और फिर वह कश्मीर पहुंचा। उसे दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में फरवरी 1994 में गिरफ्तार किया गया था। अधिकारी ने बताया कि कस्टडी के दौरान खुफिया एजेंसी को अजहर से पूछताछ करने के दौरान कोई महनत नहीं करनी पड़ी। उसने सेना के एक अधिकारी के एक थप्पड़ के बाद ही बोलना शुरू कर दिया और पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी समूहों के कामकाज के बारे में उसने विस्तार से जानकारी दी। 



उन्होंने कहा, उसे संभालना ज्यादा मुश्किल नहीं था और आर्मी अफसर के एक थप्पड़ ने उसे हिलाकर रख दिया था। अविनाश मोहनाने सिक्किम में डायरेक्टर जनरल थे। खुफिया एजेंसी में दो दशक के अपने कार्यकाल में उन्होंने अजहर से कई बार पूछताछ की थी।इंडियन एयरलाइंस के आईसी-814 विमान के हाईजैक होने के बाद यात्रियों के बदले भाजपा सरकार को अजहर को रिहा करना पड़ा था। 

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