गुजरात से राज्यसभा सीट के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भरा नामांकन

गांधीनगर (उत्तम हिन्दू न्यूज): सत्तारूढ़ भाजपा के प्रत्याशी के तौर पर केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर तथा जुगल ठाकोर ने दो मंत्रियों अमित शाह तथा स्मृति ईरानी के लोकसभा में चयन के कारण रिक्त हुई गुजरात की दो राज्यसभा सीटों हाेने वाले उपचुनाव के लिए आज नामांकन पत्र भरे। दोपहर 12 बज कर 39 मिनट पर, जिसे भाजपा विजय मुहूर्त कहती हैं, दोनो प्रत्याशियों ने नामांकन भरे। इसके कुछ ही समय बाद और आज नामांकन के अंतिम दिन तीन बजे इसकी तिथि समाप्त होने से कुछ ही मिनट पहले कांग्रेस ने भी अपने दो प्रत्याशियों गौरव दवे तथा पूर्व महिला विधायक चंद्रिकाबेन चूडासमा को मैदान में उतार दिया। उनके नामांकन के अवसर पर मौजूद रहे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा ने कहा कि जरूरत पड़ने पर पार्टी चुनाव के बाद फिर से सुप्रीम कोर्ट जायेगी। ज्ञातव्य है कि इन सीटों एक ही तिथि पांच जुलाई को अलग अलग मतदान होने के कारण दोनो भाजपा प्रत्याशियों की जीत पक्की है।

विधानसभा के उप सचिव तथा निर्वाचन अधिकारी सी बी पंडया को जब दोनो भाजपा प्रत्याशियों ने नामांकन के पर्चे सौंपे तो उस समय मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, उपमुख्यमंत्री नीतिन पटेल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जीतू वाघाणी और कई मंत्री भी उपस्थित थे। नामांकन के बाद श्री जयशंकर ने पत्रकारों से कहा कि वह गुजरात की प्रगति में योगदान का पूरा प्रयास करते रहेंगे। महात्मा गांधी, सरदार पटेल तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री श्री शाह के गृह राज्य गुजरात से राज्यसभा में प्रतिनिधित्व का मौका मिलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्हें प्रत्याशी बनाने के लिए वह पार्टी के आभारी हैं। ज्ञातव्य है कि विदेश सचिव पद से सेवानिवृत्त होने वाले श्री जयशंकर को श्री मोदी ने अपनी सरकार में विदेश मंत्री बनाया है। उन्होंने कल ही विधिवत भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी।

दूसरी ओर उत्तर गुजरात के युवा नेता जुगल ठाकोर, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मां हीरा बा के नाम से एक फाउंडेशन चला कर समाज सेवा से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर जाति की राजनीति करने का आरोप लगाया। ज्ञातव्य है कि आज नामांकन की अंतिम तिथि है। अलग अलग चुनाव करने के खिलाफ कांग्रेस की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर अदालत ने आज ही हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया। पहले ऐसा माना जा रहा था कि चुनाव के बाद फिर से इसे चुनौती देने का मन बना चुकी कांग्रेस संभवत: अपनी हार पक्की जान कर उम्मीदवार नहीं उतारेगी। विधानसभा में पार्टी के सचेतक अश्विन कोटवाल ने ऐसी राय भी जाहिर की थी पर अंत समय में पार्टी ने अपने प्रत्याशी उतार दिये।

ज्ञातव्य है कि इन सीटों पर अलग अलग चुनाव के विरोध में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। विधानसभा के अंकगणित को देखते हुए अलग अलग चुनाव होने पर दोनो सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों की जीत निश्चित है। उधर चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक सदन जिसमें राज्यसभा भी शामिल है, के प्रत्येक रिक्त सीट के लिए अलग उपचुनाव का प्रावधान है और इसी के तहत ऐसा कराया जा रहा है। ज्ञातव्य है कि अगस्त 2017 में हुए राज्यसभा चुनाव में शाह और ईरानी की जीत हुई थी। उस दौरान एक अन्य सीट पर नाटकीय घटनाक्रम और कशमकश के बीच कांग्रेस प्रत्याशी अहमद पटेल नजदीकी अंतर से जीते थे।