Thursday, January 24, 2019 02:06 PM

पहली बार मीडिया के सामने आया मेहुल चौकसी, कहा-मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) : पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में देश छोड़कर भाग चुके मेहुल चौकसी ने मंगलवार को चुप्पी तोड़ी और चौकसी ने प्रवर्तन निदेशालय के सभी आरोपों को झूठा और निराधार बताया। चौकसी ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय ने अवैध तरीके से मेरी संपत्तियों को बिना किसी आधार के अटैच किया। भगोड़े चौकसी ने आगे कहा कि उसने भारतीय अधिकारियों से अपने पासपोर्ट के निलंबन को रद्द करने की भी कोशिश की। उसने बताया कि 16 फरवरी को उसे पासपोर्ट ऑफिस से एक ईमेल मिला जिसमें बताया गया था कि मेरा पासपोर्ट भारत की सुरक्षा को खतरा होने की वजह से रद्द कर दिया गया है।

दरअसल, एक समाचार एजेंसी ने उससे कुछ सवाल किए थे जिसका उसने अपना वीडियो बनाकर जवाब दिया और उक्त एजेंसी को भेज दिया। वीडियो में मेहुल ने कहा कि बेवजह मेरा पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है और कोई कारण भी नहीं बताया गया। उसने कहा कि मेरा पासपोर्ट सस्पेंड है, ऐसे में सरेंडर करने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। बता दें कि करीब 13 हजार करोड़ के पीएनबी घोटाले में नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी मुख्य आरोपी हैं। नीरव मोदी और मेहुल दोनों फरार हैं। नीरव के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है, जबकि मेहुल के खिलाफ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया चल रही है।  

मेहुल चोकसी को कई बार भारतीय एजेंसियों के द्वारा समन जारी किया जा चुका है। हालांकि, हर बार उसने भारत आने में असमथज़्ता जाहिर की है। चोकसी ने कहा है कि अगर वह भारत आता है, तो उसके साथ लिंचिंग हो सकती है। मेहुल पर 1210 करोड़ रुपये की कुल 41 संपत्तियां मनी लॉंड्रिंग रोधक कानून (पीएमएलए) के तहत आती हैं, लिहाजा प्रवतज़्न निदेशालय को इनकी कुर्की करना चाहता है।

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की मुंबई शाखा में दो अरब डॉलर की कथित धोखाधड़ी में केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस साल फरवरी में अस्थायी तौर पर मुंबई में 15 फ्लैट और 17 कार्यालय परिसर, कोलकाता में एक मॉल, अलीबाग में चार एकड़ का फार्म हाउस और महाराष्ट्र के नासिक, नागपुर और पनवेल तथा तमिलनाडु के विल्लुपुरम में 231 एकड़ भूमि कुर्क की थी।

पीएमएलए के न्यायिक प्राधिकरण के सदस्य (विधि) तुषार वी शाह की ओर से हाल में जारी आदेश में कहा गया है कि ईडी की मूल शिकायत में जो दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं, उसके हिसाब से उनका मानना है कि इस मामले में जो संपत्तियां अस्थायी रूप से कुकज़् की गई हैं वे धन शोधन या मनी लॉंड्रिंग से जुड़ी हैं।

प्राधिकरण ने इन संपत्तियों की कुर्की की पुष्टि करते हुए कहा कि जांच की अवधि में, जो 90 दिन से अधिक नहीं हो सकती, या पीएमएलए के तहत किसी अदालत में प्रक्रिया लंबित रहने तक यह कुर्की जारी रहेगी। विशेष अदालत द्वारा संपत्ति कुकीज़् का आदेश जारी करने के बाद यह आदेश अंतिम हो जाएगा। वहीं आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ईडी अब इन संपत्तियों को जब्त कर इन स्थानों पर अपने कब्जे का बोर्ड लगाएगा।  

ईडी ने मनी लॉंड्रिंग रोधक कानून के तहत चोकसी, उसकी कंपनी गीतांजलि जेम्स और उसकी सहयोगी कंपनियों के खिलाफ आपराधिक जांच के मामले में इन संपत्तियों की अस्थायी कुर्की का आदेश जारी किया था। कुर्क संपत्तियों में हैदराबाद के रंगा रेड्डी जिले में स्थित 170 एकड़ का पार्क, महाराष्ट्र की राजधानी के बोरिवली (पूर्व) में चार फ्लैट तथा सांताक्रूज (पूर्व) में नौ अन्य फ्लैट शामिल हैं। 


 

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