2650 KM की ऊंचाई से चंद्रयान-2 ने भेजी चंद्रमा की पहली तस्वीर, ISRO ने Twitter पर किया शेयर

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रयान-2 द्वारा ली गए चांद की पहली तस्वीर शेयर की है। इसरो ने इस तस्वीर को अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया है। चंद्रयान के विक्रम लैंडर ने चांद की सतह से 2,650 किलोमीटर की ऊंचाई से यह तस्वीर ली है। 21 अगस्त को चंद्रमा की यह तस्वीर ली थी। इस तस्वीर में Mare Orientale basin और अपोलो क्रेटर्स को भी देखा जा सकता है। 

इससे पहले इसरो ने 4 अगस्त को चंद्रयान-2 की ओर से भेजी गईं पृथ्वी की तस्वीरें शेयर की थीं। लैंडर-विक्रम 6 सितंबर को चांद पर पहुंचेगा और उसके बाद प्रज्ञान यथावत प्रयोग शुरू करेगा। बता दें कि अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत चौथा देश है, जिसने चंद्रमा पर अपना मिशन भेजा है। 

विश्व में उत्सुकता से देखा जा रहा 'चंद्रयान-2' : सिवन

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के. सिवन ने आज पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि चांद पर उतरने के लिए भारत का पहला चंद्रमा मिशन 'चंद्रयान-2' विश्व स्तर पर उत्सुकता के साथ देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-2 मिशन वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण मिशन है। चंद्रमा लैंडर विक्रम के लिए लैंडिंग ऑपरेशन सात सितंबर की रात करीब 1:40 बजे शुरू होगा। वहीं इसकी लैंडिंग रात 1:55 बजे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि इसरो के पास तीसरे चंद्रमा मिशन चंद्रयान-3 की भी योजना है।उनके अनुसार, भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी पुरुषों और महिलाओं के बीच अंतर नहीं करती और केवल प्रतिभावान व मान्य व्यक्ति को अवसर मिलता है। 

बता दें कि चाँद पर भारत का दूसरा मिशन मंगलवार सुबह 9.02 बजे चंद्रमा की कक्षा में पहुँचा था। उसे 114 किलोमीटर गुणा 18,072 किलोमीटर वाली कक्षा में स्थापित किया गया था। इसरो ने बताया कि आज किये गये बदलाव के बाद अब चंद्रयान 118 किलोमीटर गुणा 4,412 किलोमीटर की कक्षा में चंद्रमा का चक्कर लगा रहा है।

नयी कक्षा में स्थानांतरित करने के लिए चंद्रयान पर लगी प्रणोदन प्रणाली का इस्तेमाल किया गया। यह प्रक्रिया दोपहर बाद 12.50 बजे शुरू की गयी है और 20 मिनट 28 सेकेंड में लक्ष्य हासिल कर लिया गया। इसरो द्वारा दी गयी जानकारी में कहा गया है कि चंद्रयान के सभी उपकरण और प्रणाली सही ढँग से काम कर रहे हैं। 

कक्षा में अगला बदलाव 28 अगस्त की सुबह 5.30 बजे से 6.30 बजे के बीच किया जायेगा। इसके बाद चंद्रमा पर उतरने से पहले 30 अगस्त और एक सितंबर को भी इसकी कक्षा में बदलाव किये जायेंगे। आखिरी बदलाव के बाद चंद्रयान 114 किलोमीटर गुणा 128 किलोमीटर की वक्र चंद्र कक्षा में पहुँच जायेगा।

चंद्रयान का प्रक्षेपण 22 जुलाई को दोपहर बाद 2.43 बजे आँध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया गया था। पहले 22 दिन पृथ्वी की कक्षा में चक्कर लगाने के बाद 14 जुलाई को तड़के 2.21 बजे इसकी छह दिन की चंद्र यात्रा शुरू हुई थी और 20 अगस्त की सुबह 9.02 बजे यह चंद्रमा की कक्षा में पहुँचा।