कोरोना को दावत... मुफ्त सरकारी राशन लेने उमड़ी लोगों की भीड़ 

कुराली (अरुण कुमार): बेशक पंजाब सरकार द्वारा बार-बार लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क का प्रयोग हर समय करने हेतु जागरूक किया जाता है पर लोग फ्री का राशन लेने की पहलकदमी में सरकारी आदेशों को भी छीके टांगते नजर आते हैं और ऐसे ही प्रशासन की ओर से कोविड 19 के संक्रमण से बचाव को लेकर जारी किए गए दिशानिर्देशों को कुराली के सरकारी विभाग द्वारा की अनदेखा किया जा रहा है। इसका प्रमाण मंगलवार को उस वक्त देखने को मिला जब निशुल्क राशन किट मिलने की सूचना मिलते ही शहर के प्रवासी लोगों का जमावड़ा स्थानीय नगरखेड़ा धर्मशाला में लग गया और सोशल डिस्टेंस के नियमों की पालना करवाने की बजाय खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा भीड़ में ही लोगों को राशन किट वितरित कर दिया गया।

गौरतलब है कि बीते दिनों सरकार द्वारा नीला कार्ड धारकों को पांच किलो प्रति मेंबर के हिसाब से तीन महीने का गेहूं का कोटा एवं तीन किलो प्रति कार्ड दाल मुहैया करवाई गई थी। इस दौरान नीले कार्ड में नाम नहीं होने ,या नीला कार्ड नहीं होने की वजह से बड़ी संख्या में प्रवासी लोग निशुल्क राशन की सुविधा से वंचित रह गए थे। प्रशासन द्वारा उन प्रवासी लोगों की लिस्ट तैयार कर उसे खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के स्थानीय अधिकारियों को पहुँचाया गया है जिसके माध्यम से 10 किलो आटा ,एक किलो चना एवं एक किलो चीनी युक्त राशन की किट को लाभार्थियों को मुहैया करवाया जाना है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रशासन की ओर से सोमवार को प्रवासी लोगों के लिए भेजी गई राशन किट्स को वार्ड नं. 2 स्थित नगरखेड़ा धर्मशाला में स्टोर करवाया गया था।

मंगलवार को प्रवासी लोगों को राशन की किट वितरित किए जाने की सूचना मिलते ही सुबह से ही लोगों का हुजूम नगरखेडा धर्मशाला में जुटना शुरू हो गया। एक दूसरे से पहले फ्री राशन किट पाने की लालसा में प्रवासी लोग कोरोना वायरस की महामारी के बावजूद भीड के रूप में सोशल डिस्टेंस के नियमों की उलंघना करते हुए बिना मास्क धर्मशाला में एकत्र हो गए। राशन किट वितरण के दौरान विभाग के अधिकारियों द्धारा भी लोगों को सोशल डिस्टेंस के नियम फॉलो करवाने के बाबत कोई कार्रवाई अमल में लाना जरूरी नहीं समझा गया।