धान की सरकारी खरीद न होने पर किसानों में रोष

औने-पौने दाम पर खरीद रहे व्यापारी
रादौर (नीतीश जोगी) : अनाजमंडियों में धान की सरकारी खरीद न होने पर किसानों का धान व्यापारी औने पौने दाम पर खरीद रहे है। जिससे किसानों में भारी रोष है। भारतीय किसान यूनियन की ओर से सरकार से मांग की गई है कि सरकार  किसानों को व्यापारियों की लूट से बचाने के लिए 15 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू करें। जिससे किसान लूटने से बच सकता है। भारतीय किसान यूनियन जिला प्रधान संजू गुंदयाना ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण आज मंडियों में आ रही धान को व्यापारी औने पौने दाम पर खरीद कर किसान को भारी चुना लगा रहे है।

उन्होंंने बताया कि सरकार ने 1770 रूपए प्रति क्ंिवटल मोटे धान के दाम निर्धारित किए है। लेकिन आज मंडियों में पहुंच रहे धान को व्यापारी सरकारी खरीद न होने के कारण मात्र 1300 रूपए प्रति क्ंिवटल के भाव से खरीद कर किसानों को लूटने का काम कर रहे है। जिसके लिए सरकार जिम्मेवार है। उन्होंने कहा कि किसान लंबे समय से मांग करते आ रहे है कि किसानों की धान की खरीद हर वर्ष 15 सिंतबर से शुरू की जाए। लेकिन सरकार हर वर्ष 1 अक्टूबर से धान की खरीद शुरू करती है। जिससे किसानों को भारी नुक्सान उठाना पडता है। उनकी मांग है कि सरकार जल्द से जल्द धान की सरकारी खरीद शुरू कर किसानों का शोषण होने से उन्हें बचाए।
 

Related Stories: