संयम व हौसले से हक की लड़ाई जीतेगा किसान : दीपेंद्र हुड्डा

कलायत/कैथल, रणबीर राणा, मोहित गुलाटी: विभिन्न टोल प्लाजा, किसान धरनों से लेकर संसद में किसानों की आवाज बुलंद करने वाले राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कलायत अनाज मंडी में आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि ये पहला ऐसा आंदोलन है जो जाति, धर्म, क्षेत्र, भाषा के सारे बंधन तोड़कर एकजुट है। ये किसान और किसानी के अस्तित्व की लड़ाई है इसलिये शांति व अनुशासन के साथ एकजुट होकर संघर्ष करें, तभी कृषक बचेगा और कृषि बचेगी। ऐसा नहीं किया तो आने वाली पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो जायेगा। इससे पहले उन्होंने उचाना हलके के गांव मोहनगढ़ छापड़ा के शहीद किसान स्व. रणधीर सिंह और गांव चूड़पुर के स्व. रोशन के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवारजनों से मिलकर शोक प्रकट किया व सांत्वना दी। महापंचायत में हाथ उठाकर एक स्वर में तीन प्रस्ताव पारित किये गए, जिनमें पहला, तीनों कृषि कानून वापस लिये जाएं। दूसरा, आन्दोलन में जान कुर्बान करने वाले 200 से ज्यादा शहीद किसानों के परिवार को आर्थिक मदद व नौकरी दी जाए। तीसरा, कृषि मंत्री के बयान की निंदा की गई और उन्हें बखऱ्ास्त करने की मांग का प्रस्ताव पारित हुआ। दीपेंद्र हुड्डा ने आगे कहा कि आजादी के बाद देश में ऐसा सुव्यवस्थित आंदोलन नहीं देखा गया। जिसमें शांति व धैर्य से लोग अपनी बात रख रहे हैं। दूसरी ओर, इस व्यापक और शांतिपूर्ण आंदोलन को फेल करने के लिये सरकार हर हथकंडा अपना रही है। जब तक ये सरकार दबाव में नहीं आयेगी तब तक केंद्र की सरकार किसानों की मांग नहीं मानेगी। जब हरियाणा में सरकार हिलती दिखेगी तब केंद्र सरकार पर दबाव बनेगा। इस सरकार के खिलाफ हरियाणा में नेता प्रतिपक्ष चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा अविश्वास प्रस्ताव लेकर आये हैं। अविश्वास प्रस्ताव से इस बात का फैसला होगा कि कौन सा विधायक जनता के साथ है कौन सत्ता के साथ है।  इस अवसर पर पूर्व मंत्री जयप्रकाश ने जयप्रकाश ने किसानों का आह्वान करते हुए कहा कि ये आंदोलन लंबा चलेगा, क्योंकि केंद्र सरकार की मंशा ठीक नहीं है।