कर्ज माफ ना होने से दुखी किसान ने दी जान, गहलोत-पायलट को बताया मौत का जिम्मेदार

03:43 PM Jun 25, 2019 |

नई दिल्ली, उत्तम हिन्दू न्यूज: राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक किसान ने कर्ज माफ ना होने से दुखी होकर खुदकुशी कर ली है। सुसाइड नोट में किसान ने लिखा है कि उसे उम्मीद थी कि राज्य सरकार अपने वादे के मुताबिक कर्ज माफ कर देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसलिए उसकी मौत का जिम्मेदार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को माना जाए। अब यह मामला लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला तक पहुंच गया है। गंगानगर के सांसद ने इस मसले को ओम बिड़ला के सामने उठाया।

इस बीच, किसान की मौत के मुद्दे पर डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा कि अभी वह इसकी जांच करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शायद वह किसान कर्ज में डूबा हुआ नहीं था, लेकिन जो भी हुआ वह दुखद है। सरकार किसानों के उज्जवल भविष्य के लिए कटिबद्ध है, हमने घोषणापत्र में भी किसानों के लिए बात की है।

श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर क्षेत्र के ठाकरी गांव में सोहनलाल मेघवाल नामक किसान ने रविवार दोपहर जहर खाकर खुदकुशी कर ली। 45 साल के सोहनलाल पर बैंक की तरफ से कर्ज चुकाने का दबाव बनाया जा रहा था, लेकिन वह इस दबाव को झेल नहीं पाया। जहर खाने से पहले उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी डाला और कहा कि आप सभी को मेरा आखिरी राम-राम।

जब सोहनलाल को अस्पताल ले जाया गया, तो हालत गंभीर थी और कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। किसान की आत्महत्या के बाद परिवार परेशान और गुस्से में हैं। गांववालों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। आनन-फानन में परिवार का कर्ज माफ करने का वादा करवाया गया और अंतिम संस्कार करवाया गया।

सोहनलाल ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उसने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया। सोहनलाल ने लिखा कि मेरी मौत का जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि अशोक गहलोत और सचिन पायलट हैं। उन्होंने वादा किया था कि सरकार आने के बाद दस दिन में कर्ज माफ हो जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका। मेरी लाश को तब तक ना उठाया जाए, जबतक उनके भाईयों का कर्ज माफ ना हो।

सुसाइड नोट में लिखा गया कि मेरी मौत का मुकदमा अशोक गहलोत पर किया जाए। यही कहते हुए उसने वीडियो भी पोस्ट किया। आत्महत्या के बाद डीएसपी जयसिंह तंवर ने बताया कि मामले में चुनाव के समय जो किसानों का कर्ज माफ़ करने की बात कही थी, वह पूरी नहीं होने पर किसान ने आत्महत्या का कदम उठाया है। इसकी जांच की जा रही है उसके बाद आगामी कारवाई की जाएगी। गौरतलब है कि राजस्थान में हाल ही में विधानसभा चुनाव हुए थे। कांग्रेस की तरफ से कर्जमाफी को बड़ा मुद्दा बनाया गया था और दस दिन में किसानों के कर्ज को माफ करने का वादा किया गया था।