सरकार के साथ किसानों की 3 घंटे से बैठक जारी, दोनों पक्ष MSP पर अड़े

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): कृषि कानूनों के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसानों का आंदोलन लगातार आठवें दिन जारी है। इस आंदोलन की आग लगातार फैलती जा रही है। पिछली बार की विफल बातचीत के बाद आज दोबारा किसानों और सरकार के बीच वार्ता शुरू हो चुकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे कोई हल निकल सकता है। दोपहर 12 बजे से किसानों और सरकार के बीच विज्ञान भवन में चर्चा जारी है।

किसानों की ओर से लगातार MSP पर अपनी मांग रखी जा रही है, किसानों ने अपनी ओर से दस पन्नों का खाका पकड़ाया है। दोपहर तीन बजे मीटिंग में ब्रेक हुआ है, ऐसे में किसान बाहर आए हैं। बैठक की खास बात ये है कि किसानों ने अपना खाना बाहर से मंगवाया है और सरकार की ओर से पेश कोई भी चीज खाने से इनकार किया है। 

नए कृषि काननू को लेकर केंद्रीय मंत्रियों के साथ किसान नेताओं की यह चौथी बैठक है। इससे पहले, एक दिसंबर और 13 नवंबर को किसान नेताओं के साथ मंत्री स्तर की वार्ता हुई थी। जबकि मंत्रालय के अधिकारियों के साथ नये कानूनों को लेकर किसान प्रतिनिधियों की वार्ता इन बैठकों से पहले ही हुई थी।

उधर, दिल्ली की सीमाओं पर 26 नवंबर से डटे किसानों का आंदोलन गुरुवार को आठवें दिन जारी है और आंदोलन का दायरा धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के साथ-साथ कई अन्य राज्यों के किसान संगठनों के साथ-साथ ट्रांसपोटरों के एसोसिएशन ने भी किसान आंदोलन को समर्थन दिया है।

किसान नेताओं ने सरकार के साथ चल रही चौथे दौर की वार्ता विफल होने की सूरत में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। सिंघु बॉर्डर पर बुधवार को किसान संगठनों की बैठक के बाद संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सरकार के साथ गुरुवार की बातचीत बेनतीजा रहने पर वे आंदोलन को और तेज करेंगे।