दक्षिणी हिस्से को छोड़ कश्मीर में जन-जीवन सामान्य

श्रीनगर(उत्तम हिन्दू न्यूज)- कश्मीर घाटी में शनिवार को पंचायत चुनाव के विरोध में अलगाववादियों की एक दिन के हड़ताल के आह्वान के बाद रविवार को अधिकांश हिस्सों में जन-जीवन पूरी तरह सामान्य हो गया। 

राज्य में नौ चरण में हो रहे पंचायत चुनाव के पहले चरण का मतदान शनिवार को संपन्न हुआ। अलगाववादी चुनाव का विरोध कर रहे हैं और इसलिए हड़ताल आहूत की थी। दक्षिण कश्मीर में रविवार की सुबह सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो आतंकवादियों के मारे जाने के विरोध में पुलवामा और शोपियां जिलों में सामान्य जन-जीवन प्रभावित रहा। दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे तथा सड़कों से वाहन नदारद थे। 

हड़ताल के आह्वान तथा आतंकवादियों की ओर से चुनाव में बाधा डालने के प्रयास की आशंका को देखते हुए राज्य के 47 प्रखंडों में अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम के बीच शनिवार को हुए पहले चरण के पंचायत चुनाव में 74 प्रतिशत मतदान हुए। चुनाव के विरोध में अलगाववादियों के संगठन ने हड़ताल का आह्वान किया था। अलगाववादियों ने लोगों से चुनाव का बहिष्कार करने की भी अपील की है। इस बीच ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर तथा घाटी के अन्य तहसील मुख्यालयों एवं प्रमुख शहरों में रविवार को दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठानें खुले रहें तथा इनमें सामान्य दिनों की तरह कामकाज हुआ। सभी मार्गाें पर यातायात सामान्य रहा। सुरक्षा कारणों से एक दिन के लिए स्थगित रेल सेवा को भी फिर से बहाल कर दिया गया है। 

अलगाववादियों की ओर से किसी प्रकार की हड़ताल के आह्वान नहीं होने के बावजूद पुलवामा और शोपियां में सभी दुकानें और व्यावयासिक प्रतिष्ठान बंद रहे और सड़कें वीरान रहीं। दरअसल,मुठभेंड़ में दो आतंकवादियों के मारे जाने की इलाके में खबर फैलते ही दोनों जिलों में स्वत:स्फूर्त बंद शुरु हो गया। शोपियां जिले के रीबन गांव में रविवार की सुबह घेराबंदी एवं तलाश अभियान के दौरान सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड में अल-बद्र के दो आतंकवादी मारे गए। 

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