पंजाब में बिजली हुई सस्ती, शराब हुई महंगी 

चंडीगढ़ (उत्तम हिन्दू न्यूज): पंजाब सरकार ने आज बिजली की दरों में कमी का ऐलान करते हुए राज्य में बिजली की घरेलू खपत के लिए दरों में 50 पैसे प्रति यूनिट तक की कमी कर दी है। इसके साथ ही फिक्स चार्जेस 15 रुपए प्रति किलोवाट बढा़ दिए गए हैं। इसी प्रकार मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सोमवार को 1 जून से शराब पर कोविड सैस लगाने की मंजूरी दे दी। इस फैसले से राज्य को मौजूदा वित्तीय वर्ष के दौरान 145 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व इकट्ठा होगा और राज्य में शराब के दाम से दो रुपये से लेकर 50 रुपये तक बढ़ जाएंगे।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने निजी बस चालकों को राहत देते हुए टैक्स की दर में कमी करते हुए स्टेज कैरिज ऑर्डिनरी बसों के लिए टैक्स की दर 2.80 रुपए से 2.69 प्रति किलोमीटर कर दी है। मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग को परिवहन वाहन मालिकों को एक माह के भीतर 30 जून तक बिना किसी जुर्माने और ब्याज के टैक्स का भुगतान करने की अनुमति देने का भी निर्देश दिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पंजाब स्टेट इलेक्ट्रीसिटी रेगुलेटरी कमीशन की तरफ से कोविड और लॉकडाऊन के कारण राजस्व घटने के बावजूद घरेलू बिजली दरें घटाने के फ़ैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि लोगों के हितों को आगे रखते हुये दरों को आगे से और भी तर्कसंगत किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने चाहे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ उद्योगों के लिए भी और दरों में कटौती की सिफ़ारिश की थी परन्तु रेगुलेटरी कमीशन राजस्व इकट्ठा करने में आई भारी गिरावट के चलते राज्य सरकार की विनती मानने के लिए असमर्थ था। उन्होंने कहा कि अकेले अप्रैल महीने में ही व्यापार और उद्योगों के बंद होने के कारण पंजाब स्टेट पावर कोरर्पोशन को ३0 करोड़ रुपए प्रति दिन घाटा बर्दाश्त करना पड़ा।


कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि घरेलू दरों को तर्कसंगत करने का काम राज्य में कई सालों बाद पहली बार हुआ है। उन्होंने कहा कि 50 किलोवाट के लोड तक की मौजूदा कटौती (0 से 100 यूनिट तक के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट और 101 से 300 यूनिट तक 25 पैसे प्रति यूनिट) राज्य के 69 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को 354.82 करोड़ रुपए की राहत देगी। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक फ़ायदा समाज के अति गरीब वर्ग को होगा जो कोरोना महामारी के चलते सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। 

कमीशन ने छोटे दुकानदारों (7 किलोवाट तक के लोड वाले एन.आर.एस. उपभोक्ताओं) के लिए बिजली दरों को नहीं बढ़ाया जिसका मौजूदा स्थिति में स्वागत करना बनता है क्योंकि लॉकडाऊन के चलते यह दुकानदार बुरी तरह प्रभावित हुए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे उद्योगों की तय दरों को घटाने की माँग को बदकिसमती से ऐसे संकाटमयी समय में नहीं माना जा सकता। सीएम ने रात के 10 बजे से सुबह के 6 बजे के दरमियान बिजली का प्रयोग करने वाले बड़े और मध्यम औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए 50 फीसद तय चार्जों समेत रात की विशेष दरों और 4.82 /के.वी.ए.एच रुपए ऊर्जा चार्ज को चालू रखने और इसको छोटे पैमाने पर बिजली का उपभोग करने वाले औद्योगिक उपभोक्ताओं तक बढ़ाने के लिए फ़ैसले का स्वागत किया।  

मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के समूह की सिफारिशों को मानते हुए कहा कि राज्य को 26000 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है जो साल 2020 -21 के कुल बजट राजस्व अनुमानों का 30 प्रतिशत बनता है जिस कारण अतिरिक्त राजस्व जुटाने के लिए कुछ कठोर उपायों की ज़रूरत है। मौजूदा वित्तीय वर्ष के दौरान शराब पर असैसड फीस और अतिरिक्त आबकारी ड्यूटी लगाने संबंधी मूल्यांकन करने के लिए मंत्रियों का समूह 12 मई को बनाया गया था। मुख्यमंत्री ने आबकारी और कर विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि अतिरिक्त जुटाए जाने वाले राजस्व की सारी रकम कोविड से सम्बन्धित कामों पर ख़र्ची जाएगी। यह सैस मौजूदा वर्ष के दौरान एल -1/एल -13 (थोक लायसेंस) से शराब की ट्रांसपोर्टेशन के परमिट जारी करते समय वसूला जायेगा।