हरियाणा में नगर परिषदों, नगर पालिकाओं के अध्यक्ष के चुनाव अब नगर निगमों के मेयर की तर्ज पर

चंडीगढ़ ( उत्तम हिन्दू न्यूज)- हरियाणा में नगर परिषदों, नगर पालिकाओं के अध्यक्ष के चुनाव अब नगर निगमों के मेयर की तर्ज पर राज्य निर्वाचन आयोग की देखरेख में मतदाताओं के माध्यम से कराए जाएंगे। राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस सम्बंध में हरियाणा पालिका अधिनियम-1973 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई। अधिनियम में यह भी प्रावधान किया गया है कि हाउस ऑफ द पीपल तथा किसी राज्य की विधानसभा के सदस्यों को नगर निगम के इस चुनाव तथा उपाध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव में मतदान का अधिकार नहीं होगा। 


मंत्रिमंडल ने बागवानी में अनुसंधान एवं विकास के लिए हरियाणा कृषि उद्योग निगम के कृषि अनुसंधान एवं विकास केंद्र, मुरथल की दस एकड़ दो कनाल और दो मरला भूमि कलेक्टर रेट पर तथा 2.90 करोड़ रुपये की बुक वैल्यू पर मौजूदा परिसंपत्तियों का तबादला महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल को करने तथा हरियाणा सिविल सेवा और संघ लोक सेवा आयोग के नियमों में एकरूपता लाने के लिये हरियाणा सिविल सेवा(कार्यकारी शाखा) नियम-2008 में संशोधन को भी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में नवगठित नगर निगमों में उनके गठन की तिथि से पांच वर्ष के भीतर चुनाव कराने एक अध्यादेश के माध्यम से हरियाणा नगर निगम अधिनियम-1994 की धारा 4(4) के प्रावधान में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की। इसके अलावा हरियाणा विधि एवं विधायी विभाग (ग्र्रुप क) सेवा नियम, 2019 के प्रारूप को स्वीकृति प्रदान की गई। नियमों के अनुसार आयोग में आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि को 21 वर्ष से कम या 42 वर्ष से अधिक आयु प्राप्त किसी भी व्यक्ति को सीधी भर्ती द्वारा सेवा में किसी भी पद पर नियुक्त नहीं किया जाएगा। 

मंत्रिमंडल ने सम्बंधित नियमों में ढील प्रदान कर ईएसआई धर्मबीर के पुत्र विकास को कांस्टेबल के पद पर नौकरी देने का निर्णय लिया है। धर्मबीर को ड्यूटी के दौरान सिर में गोली लग गई थी और वह अब तक बेहोश और गंभीर स्थिति में है। उसके उपचार पर लगभग 20 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं और अभी भी उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।