Friday, May 24, 2019 12:37 AM

ईस्टर कांडः श्रीलंका सरकार नें मुस्लिम समूह को बताया जिम्मेदार 

कोलंबो (उत्तम हिन्दू न्यूज):  श्रीलंका की सरकार ने सोमवार को ईस्टर के दिन हुए भयावह सिलसिलेवार बम धमाकों के लिए श्रीलंकाई मुस्लिम समूह को जिम्मेदार बताया और कहा कि यह घटना खुफिया तंत्र की विफलता है। रविवार को हुए इस आतंकवादी हमले में 290 लोगों की मौत हुई है। सरकार ने मीडिया को बताया कि नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) ने श्रीलंका के तीन शहरों में आठ विस्फोट किए जिसमें 500 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्री रजिथा सेनारत्ने ने कहा, "हमले में नेशनल तौहीद जमात शामिल है। यह एक स्थानीय संगठन है। हम नहीं जानते कि वे बाहरी लोगों से जुड़े हैं या नहीं? गिरफ्तार किए गए सभी लोग स्थानीय हैं।"

मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि अन्य मंत्रियों के साथ मीडिया को संबोधित करते हुए सेनारत्ने ने सुनियोजित हमलों को एक 'घातक खुफिया विफलता' बताया। उन्होंने कहा कि पहले से जानकारी होने के बावजूद भी हमलों को रोका नहीं जा सका। मंत्री ने कहा कि 4 अप्रैल को अंतर्राष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों (जिनके नामों का उन्होंने खुलासा नहीं किया) ने इन हमलों की चेतावनी दी थी और यहां तक बताया था कि यह हमले चर्च और पर्यटन स्थल पर हो सकते हैं। सेनारत्ने ने कहा कि पुलिस महानिरीक्षक को 9 अप्रैल को इस बारे में सूचना देने के साथ-साथ संदिग्ध आतंकवादियों के नाम भी दिए गए थे।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद रविवार को राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना से मिलना चाहती थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका क्योंकि वे विदेश में थे। उन्होंने कहा, "सरकार की तरफ से हम परिवारों और अन्य संस्थानों से माफी मांगते हैं। समस्या यह है कि जब हम कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री से मिले तो खुद प्रधानमंत्री भी इसे लेकर अंधेरे में थे। उन्होंने भी यह सर्कुलर तब देखा था जब हमने इसे दिखाया। उन्हें सुरक्षा परिषद की बैठकों से बाहर रखा गया था।" श्रीलंका के दो मंत्रियों मनो गणेशन और हरिन फर्नांडो ने भी ट्विटर पर कहा कि सरकार को आसन्न हमले की पूर्व सूचना थी।

सेनारत्ने ने कहा कि आज सुबह (सोमवार को) राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री पहली बार मिले। आज हमें इस स्थिति से उबरने के लिए एकीकृत राजनीतिक नेतृत्व की आवश्यकता है और हम हमारे देश से आतंकवाद को मिटाने के लिए हर कदम उठाएंगे। उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक के इस्तीफे का मांग की। हाल के दिनों में श्रीलंका राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के बीच राजनैतिक रस्साकशी का शिकार रहा है।


 

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