बीते 24 घंटे में 53 जगह भूकंप, 6.8 की तीव्रता से जम्मू कश्मीर में डोली धरती

दुशान्बे (उत्तम हिन्दू न्यूज): भारत के जम्मू-कश्मीर में सुबह जो भूकंप के झटके महसूस किये गए हैं उनका केंद्र ताजिकिस्तान की राजधानी दुशान्बे से 341 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व में स्थित था। ये भूकंप काफी तेज था और दुशान्बे में इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.8 मापी गई। दुनिया भर में लगातार भूकंप आने की संख्या में तेजी दर्ज की गई है। बीती 14 जून को दुनिया भर में 24 घंटे के भीतर 60 से ज्यादा छोटे-बड़े भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इससे आभास तो यही हो रहा है कि कुदरत का मूड बिल्कुल बिगड़ा हुआ है। जहां एक तरफ पूरी दुनिया कोरोना वायरस के जंजाल में फंसी हुई है, तो वहीं लगातार आ रहे भूकंप के झटके लोगों में खौफ और दहशत पैदा कर रहे हैं। मंगलवार की सुबह लोग अभी नींद में ही थे कि धरती डोलने लगी। 

In the last 24 hours third earthquake in Gujarat Know More

बता दें कि बीते 2 महीनों के दौरान दिल्ली-NCR में भी 8 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। सोमवार को गुजरात में राजकोट से 83 किलोमीटर दूर सोमवार को 12.57 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.4 दर्ज की गई थी। इसके कुछ घंटे बाद भुज में भी 4.1 तीव्रता के झटके महसूस किये गए। रविवार से लेकर सोमवार तक गुजरात के अलग-अलग अलग इलाकों में 14 बार भूकंप और उसके आफ्टर शॉक महसूस किए गए थे।

earthquake.usgs.gov के मुताबिक बीते 24 घंटे में 53 जगह भूकंप के छोटे बड़े झटके महसूस लिए गए हैं। इसमें सबसे तेज भूकंप ताजिकिस्तान का ही था। इसके आलावा अलास्का में 4.5, न्यूजीलैंड में 4.9, जापान में 4.7, सोलोमन आइलैंड पर 5.3 और तुर्की में 5.4 तीव्रता के भूकंप बीते 24 घंटे में दर्ज किए गए हैं। सबसे ज्यादा 4.2 से 4.7 तीव्रता वाले 5 भूकंप बेटे 24 घंटे में जापान में दर्ज किये गए हैं।

Earthquake Measuring 5.3 on Richter Scale Jolts Gujarat's Rajkot ...

बता दें कि अब तक का सबसे बड़ा भूकंप चिली में 22 मई 1960 को रिकॉर्ड किया गया। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर यह 9.5 दर्ज की गयी थी। चिली के बाद दूसरा सबसे बड़ा भूकंप 28 मार्च 1964 में अमेरिका में रिकॉर्ड किया गया था और इसकी तीव्रता 9.2 थी। भूगर्भ वैज्ञानिकों के मुताबिक, भूकंप की असली वजह टेक्टोनिक प्लेटों में तेज हलचल होती है। इसके अलावा उल्का प्रभाव और ज्वालामुखी विस्फोट, माइन टेस्टिंग और न्यूक्लियर टेस्टिंग की वजह से भी भूकंप आते हैं।