मुख्यमंत्री बताए कि क्यों रोका हुआ है कर्मचारियों का मकान भत्ता : दुष्यंत चौटाला

चंडीगढ़ (उत्तम हिन्दू न्यूज): पुरानी पेंशन स्कीम और बढ़ा हुआ मकान भत्ता पाना सरकारी कर्मचारियों का अधिकार है और मनोहर लाल खट्टर सरकार कर्मचारियों के हक पर कुंडली मारे बैठी है। प्रदेश सरकार बिना किसी शर्त व देरी के न केवल सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करे बल्कि, कर्मचारियों के मकान भत्ते को सातवें वेतन आयोग की लागू होने की तिथि से जारी करे, विभिन्न विभागों में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के साथ-साथ शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों में पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को पदोन्नत करे। यह मांग जननायक जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा सरकार से की। दुष्यंत चौटाला ने जारी बयान में कहा कि जेजेपी कर्मचारियों की मांगों को लेकर पूरी तरह से उनके साथ हैं।
 

उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मांगे नहीं मानी तो प्रदेश में जेजेपी की सरकार बनने पर पहली कलम से कर्मचारियों की पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल किया जाएगा और देयतिथि से एचआरए दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने प्रदेश के कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान देने का वायदा अपने घोषणा पत्र में किया था परन्तु मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अब तक इस वायदे को नहीं निभाया। दुष्यंत चौटाला ने मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कर्मचारियों की मांगों और उनके हक को लेकर भाजपा सरकार की नीयत व नीति पूरी पूरह से कर्मचारी विरोधी है। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को 7 वें वेतन आयोग के अनुसार वेतन लागू कर दिया और उनका एचआरए लटकाए रखे, ऐसी कोई वजह नहीं है। जबकि  हरियाणा की भाजपा सरकार आईएएस अधिकारियों बढ़ा हुआ एचआरए दो वर्ष पहले ही दे चुकी है। उन्होंने सरकार से पूछा है कि कि आईएएस अधिकारियों और कर्मचारियों के एचआरए लागू करने में भेदभाव करने की वहज और क्या आधार है। प्रदेश में कर्मचारी एचआरए के लिए पिछले दो सालों से प्रदेश में संघर्षरत हैं।
 

उन्होंने कहा कि हजारों कर्मचारी योग्यता के आधार पर पदोन्नति के हकदार हैं बावजूद इसके उन्हें पदोन्नतियां नहीं दी जा रही हैं। जबकि पदोन्नति देने से सरकार के खजाने पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ रहा है। पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सरकार सभी विभागों में पदोन्नतियां करे, एनएचएम आंगनवाड़ी, आशा वर्कर व अन्य कच्चे कर्मचारियों के लिए सेवा सुरक्षा कानून लागू करे और उनकी अन्य मांगे पूरी करे। मांगे पूरी न होने पर जेजेपी कर्मचारियों के समर्थन में जेजेपी प्रदेश भर में सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।