रोजगार को लेकर दुष्यंत चौटाला का सरकार को अल्टीमेटम, युवाओं ने भी भरी हुंकार

गुरुग्राम (उत्तम हिन्दू न्यूज): रोजगार की मांग को लेकर प्रदेशभर के युवा वीरवार को सडक़ों पर उतर आए। रोजगार न मिलने से हताश हजारों युवाओं ने इनेलो संसदीय दल के नेता व हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व में आज जम कर प्रदर्शन किया और सरकार विरोधी नारे लगाए। प्रदेश के कोने-कोने से पहुंचे बेरोजगार सरकार से रोजगार की मांग कर रहे थे। सांसद दुष्यंत चौटाला ने युवाओं की ओर से उपायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा। सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि वह सरकार को ज्ञापन नहीं बल्कि अल्टीमेटम देने आए हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार देने की दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए सरकार के पास 2 अक्टूबर तक का समय है और तब तक हम गांधीवादी हैं और इसके बाद वह शहीद भगत सिंह के क्रांतिकारी राह पर चलने को मजबूर हो जाएंगे। दुष्यंत ने कहा कि प्रदेश के युवा सरकार से कोई खैरात नहीं मांग रहे हैं बल्कि रोजगार हर युवा का अधिकार है और वह अपना अधिकार मांग रहे हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सरकार युवाओं के लिए रोजगार का प्रबंध करेें अन्यथा वह सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे। दुष्यंत चौटाला ने सरकार से सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों पर युवाओं को नियमित भर्ती करने, हरियाणा की जमीन पर स्थापित होने वाली निजी कंपनियों में प्रदेश के युवाओं के लिए 50 प्रतिशत नौकरियां आरक्षित करने करने सहित अन्य मांगें की। 

इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने रोजगार मेरा अधिकार मुहिम के तहत आयोजित इस प्रदर्शन में भाग लेने के लिए आज सुबह से ही युवा ताऊ देवीलाल स्टेडियम में एकत्रित होना शुरू हो गए थे। दोपहर तक यहां भारी संख्या में युवा एकत्रित हो चुके थे। दुष्यंत चौटाला युवाओं का नेतृत्व करते हुए दो किलोमीटर पैदल चल कर डीसी कार्यालय पहुंचे। 
सांसद दुष्यंत चौटाला ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मनोहर लाल खट्टर सरकार ने युवाओं को रोजगार के नाम पर धोखा दिया है। भाजपा ने सत्ता में आने से पूर्व लाखों युवाओं का रेाजगार देने का वायदा किया था।  परन्तु सत्ता में आने के बाद भाजपा युवाओं को रेाजगार देने में पूरी तरह से विफल रही और प्रदेश का युवा हताश व निराश हो गया। इनेलो सांसद ने कहा कि सरकार ने तो बेरोजगारों को 6 व 9 हजार रूपये बेरोजगारी भत्ता भी देने का वायदा किया था परन्तु अब सरकार सक्षम योजना के तहत युवाओं से गोबर उठवा रही है।

उन्होंने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों में सरकार ने आवेदनों के नाम पर करोड़ों रूपये से सरकारी खजाने को भर लिया परन्तु एचपीएससी के माध्यम से रोजगार केवल 209 को मिला। उन्होंने कहा कि इसी नक् शेकदम पर हरियाणा स्टाफ सर्विस कमीशन काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन दोनों सवैंधानिक संस्थाओं की आरटीआई के तहत मिली जानकारी के अनुसार लाखों लोगों के आवेदन मांगे गए परन्तु रोजगार मुठ्ठी भर लोगों को ही मिला। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश में 7 करोड़ 23 लाख युवा रोजगार की तलाश में दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं और मनोहर लाल खट्टर सरकार ठेके के लिए अधिकृत कंपनियों को लाभ देने के लिए विज्ञापित पदों को रद्द कर देती है। उन्हेांने कहा कि सरकार नौकरियों के नाम मोटी फीस वसूल कर उन्हें लूटने में लगी हुई है। 

सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि गुडग़ांव में ही निजी कंपनियों में लाखों युवाओं के रोजगार है। इन कंपनियों को सडक़ें, जमीन, बिजली पानी हरियाणा से मिलता है और रोजगार किसी अन्य राज्यों के युवाओं को दिया जाता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इसके लिए कानून बनाए कि प्रदेश में लगने वाले हर फर्म-कंपनी में प्रदेश के युवाओं के लिए 50 प्रतिशत रोजगार आरक्षित होगा। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों का बैकलॉग सरकार जल्द से जल्द भरे। 

दुष्यंत ने दिया 30 मिनट का अल्टीमेटम, डीसी 27 वें मिनट मंत्री की मीटिंग छोड़ पहुंचे ज्ञापन लेने
इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने यहां डीसी कार्यालय में पहुंचने के बाद ज्ञापन लेने के लिए डीसी को 30 मिनट का समय दिया। इस दौरान बताया गया कि डीसी साहब मंत्री की बैठक में व्यस्त हैं। दुष्यंत चौटाला ने अपना संबोधन जारी रखा। इसी दौरान 27 वें मिनट में डीसी ज्ञापन लेने के लिए मंत्री जी की मीटिंग छोड़ कर पहुंच गए। दुष्यंत चौटाला गाड़ी पर सवार होकर अपना भाषण दे रहे थे। वे 20 मिनट तक सरकार को कोसते रहे और डीसी साहब सुरक्षा कर्मियों के बीच गाड़ी से नीचे खड़े रहे।


उन्होंने कहा कि इन दोनों सवैंधानिक संस्थाओं की आरटीआई के तहत मिली जानकारी के अनुसार लाखों लोगों के आवेदन मांगे गए परन्तु रोजगार मुठ्ठी भर लोगों को ही मिला। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश में 7 करोड़ 23 लाख युवा रोजगार की तलाश में दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं और मनोहर लाल खट्टर सरकार ठेके के लिए अधिकृत कंपनियों को लाभ देने के लिए विज्ञापित पदों को रद्द कर देती है। उन्हेांने कहा कि सरकार नौकरियों के नाम मोटी फीस वसूल कर उनके बेरोजगारी के दर्द को और बढ़ा देती है। सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि गुडग़ांव में ही निजी कंपनियों में लाखों युवाओं के रोजगार है। इन कंपनियों को सडक़ें, जमीन, बिजली पानी हरियाणा से मिलता है और रोजगार किसी अन्य राज्यों के युवाओं को दिया जाता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इसके लिए कानून बनाए कि प्रदेश में लगने वाले हर फर्म-कंपनी में प्रदेश के युवाओं के लिए 50 प्रतिशत रोजगार आरक्षित होगा। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों का बैकलॉग सरकार जल्द से जल्द भरे।

 

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