महिलाओं के कल्याण के लिए समाज सेवा के क्षेत्र में आईंः डॉ. ऊमा शर्मा

चंडीगढ़ (उत्तम हिन्दू न्यूज): मोहाली नगर निगम चुनाव की तैयारियाँ चल रही हैं और चुनाव लडऩे के इच्छुक उम्मीदवार भी सामने आने लग गए हैं। इस दौरान अलग-अलग वार्डों के निवासियों द्वारा भी अपने मनपसंद उम्मीदवारों को खड़ा करने की तैयारी की जा रही है। डॉ. ऊमा शर्मा भी ऐसा ही एक नाम है जिनको फेज़ 1 (वार्ड नंबर 45) के निवासियों द्वारा चुनाव लडऩे के लिए खड़ा किया गया है। डॉ. ऊमा शर्मा शिक्षित होने के साथ-साथ उच्च सरकारी पद से सेवामुक्त हुई हैं और हर काम ख़ुद आगे होकर करती हैं। एक महिला होने के कारण वह महिलाओं की समस्याओं को भी अच्छी तरह समझती हैं।

फाजि़ल्का जि़ले में जन्मी डॉ. ऊमा शर्मा 29 साल सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब में नौकरी करके डिप्टी डायरेक्टर के पद से सेवा मुक्त हुई हैं। डिप्टी डायरैक्टर के पद से सेवा मुक्त होने के बाद एक प्रमुख दैनिक समाचार पत्र के लिए साढ़े चार साल पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में ब्यूरो चीफ़ के तौर पर जि़म्मेदारी निभाई। उनको मोहाली जि़ले के पहली डी.पी.आर.ओ. बनने का गौरव भी हासिल है।

डॉ. ऊमा शर्मा अपने आप में एक संस्था हैं। डॉ. ऊमा शर्मा सूचना एवं लोक संपर्क ऑफिसर्स वेलफेयर ऐसोसीएशन पंजाब 2001-2009 और भारत विकास परिषद् मोहाली की महिला प्रमुख हैं। डॉ. ऊमा शर्मा को उनके द्वारा किए गए कीमती कामों के लिए ढेरों इनाम और सम्मान भी मिले हैं। 2011 में उनको अंतरराष्ट्रीय स्तर के वूमैन केसरी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। जि़ला प्रशासन मोहाली द्वारा 15 अगस्त, 2008 को उनको सम्मानित किया गया। इसके अलावा पंजाबी सांस्कृतिक मंच फाजि़ल्का द्वारा 1998 में और पोस्ट ग्रैजुएट वैलफेयर सोसायटी फाजि़ल्का द्वारा साल 2009 में फाजि़ल्का गौरव सम्मान, शहीद मेमोरियल सोसायटी लुधियाना द्वारा देश सेवा रत्न अवॉर्ड, पंजाब रत्न अवॉर्ड और शिरोमणि देश सेवा रत्न अवॉर्ड, मालवा वैलफेयर वूमैन सोसायटी मोहाली द्वारा महान नारी अवॉर्ड, खूनदान के लिए सिविल प्रशासन पंजाब सरकार चंडीगढ़ द्वारा सम्मान उनको मिले हुए हैं।

डॉ. ऊमा शर्मा सात भाई-बहन हैं। उनके दो भाई और दो भाभियां इस संसार को अलविदा कह चुके हैं और उन्होंने अपने भाइयों की लड़कियों और बहन की एक लडक़ी की शिक्षा, पालन-पोषण और विवाह में अहम भूमिका निभाई। ऊमा पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ समाज सेवा में भी सक्रिय रहीं। उनकी तरफ से पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए हैल्पलाइन भी शुरू की हुई है, जिसके द्वारा अब तक करीब 476 विद्यार्थी सहायता प्राप्त कर चुके हैं। डॉ. ऊमा शर्मा का कहना है कि काऊंसलर बनने के बाद जहाँ अपने वार्ड का वह सर्वपक्षीय विकास करवाएंगी, वहीं महिलाओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करवाएंगी। महिलाओं के कल्याण के लिए वह समाजसेवा में आगे आई हैं।