भारत-चीन सीमा विवाद पर बोले डोनाल्‍ड ट्रंप, मध्‍यस्‍थता को तैयार है अमेरिका

वॉशिंगटन (उत्तम हिन्दू न्यूज): भारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा के पास तनाव को लेकर अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने विवाद सुलझाने के लिए मध्‍यस्‍थता की पेशकश की है। ट्रंप ने भारत-चीन के बीच मध्यस्थता की बात कही है। ट्रंप ने अपने एक ट्वीट में लिखा- हमने भारत और चीन दोनों को ही सूचित कर दिया है कि दोनों देशों के बीच चल रहे सीमा विवाद को लेकर अमेरिका मध्यस्थता कराने को लेकर तैयार, इच्छुक और सक्षम है। बुधवार को इस मसले से जुड़े सवाल का एक लाइन में जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि 'मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि नरेंद्र मोदी के भारत को कोई आंख नहीं दिखा सकता।' 

US President Trump offers to mediate India-China border dispute ...
  
गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास पिछले कुछ दिनों से चीन की तरफ से सैन्य गतिविधियों के बढ़ने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव है। भारत के अपनी सीमा के अंदर सड़क निर्माण करने पर चीन विरोध जता रहा है। चीन की हरकतों को लेकर भारत भी अलर्ट मोड में है। दोनों देशों की सेनाओं की हाल में सीमा पर गतिविधियां बढ़ीं हैं। यहां पर दो इलाके पैंगोंग त्सो का गलवान घाटी और फिंगर 4 में तनातनी बढ़ी हुई है। इन दोनों इलाकों में 9 और 10 मई से ही सीमा के दोनों ओर हजार से ज्यादा सैनिक आमने-सामने आ चुके हैं।

पाकिस्‍तान के बाद अब भारत-चीन सीमा विवाद पर भी मध्‍यस्‍थता को तैयार हैं ट्रंप
 
पीएम मोदी ने की थी बैठक
वहीं पूर्वी लद्दाख सीमा पर भारत और चीनी सैनिकों के बीच तनाव बढ़ने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ बैठक की। इसमें बाहरी सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए भारत की सैन्य तैयारियों को मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। मंगलवार को पीएम मोदी संग बैठक से पहले तीनों सेना प्रमुखों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पैंगोंग सो झील, गलवान घाटी, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी की स्थिति के बारे में जानकारी दी थी. जहां पिछले करीब 20 दिनों से भारत और चीन के सैनिक आक्रामक रूख अपनाये हुए हैं।