ड्राइविंग लाइसेंस, व्हीकल फिटनेस सर्टिफिकेट जैसे डॉक्युमेंट को लेकर मोदी सरकार का बडा़ फैसला

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) : मोदी सरकार ने आम आदमी को राहत देते हुए मोटर वाहन अधिनियमों के तहत विभिन्न दस्तावेजों और प्रमाण पत्रों की वैधता 31 जुलाई तक बढ़ा दी है। इस निर्णय के तहत एक फरवरी से नवीनीकरण में विलम्ब के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क या विलम्ब शुल्क नहीं लिया जाएगा। ये फैसला कोविड-19 के दौरान लोगों की सुविधा के उद्देश्य से सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने लिया। आदेश के मुताबिक इन दस्तावेजों के नवीकरण सहित किसी गतिविधि के लिए एक फरवरी या उसके बाद यदि शुल्क जमा भी कर दिया गया है और कोविड-19 महामारी की रोकथाम से उभरी स्थितियों की वजह से वह गतिविधि पूरी नहीं हो सकी है तो जमा शुल्क को अब भी वैध माना जाएगा। 

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इससे पहले मंत्रालय ने 30 मार्च 2020 को मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम, 1989 से संबंधित दस्तावेजों की वैधता के विस्तार के संबंध में एक एडवायजरी जारी की थी। इसमें प्रवर्तन अधिकारियों को यह सलाह दी गई थी कि जिन दस्तावेजों की वैधता में विस्तार नहीं दिया जा सका है या लॉकडाउन की वजह से नहीं दिया जा सकता है और जिनकी वैधता एक फरवरी 2020 को समाप्त हो गई या 30 जून 2020 तक समाप्त हो जाएगी, उन दस्तावेजों को 30 जून 2020 तक वैध माना जाए।

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