मुख्य सचिव के समीक्षा बैठक में शामिल होने से विरोध करने वाले मंत्री इस्तीफा दें : दीवान अमित अरोड़ा

शराब रेवेन्यू में वित्तीय घाटे के मुख्य दोषी स्वयं मुख्यमंत्री

चंडीगढ़ (उत्तम हिन्दू न्यूज): आज मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में पंजाब सरकार की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव करण अवतार सिंह के शामिल होने से भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रवक्ता दीवान अमित अरोड़ा ने मुख्य सचिव पर आरोप लगाने वाले मंत्रियों से इस्तीफा मांगा है। उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर करन अवतार के बेटे के साथ शराब तस्करी में शामिल होने का सीधा आरोप लगाया। दीवान अरोड़ा ने कहा कि कैप्टन द्वारा अपने ही कैबिनेट मंत्रियो और विधायकों द्वारा मुख्य सचिव पर रेवेन्यू चोरी के आरोपों को दरकिनार करते हुए किसी प्रकार की जांच नही बिठाने की बजाए करन अवतार सिंह को आज की समीक्षा बैठक में शामिल करना यह सिद्ध करता है कि कैप्टन को अपने मंत्रियो और विधायकों की कतई परवाह नही है।

मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक से यह भी सिद्ध हुआ है कि कैप्टन अपनी कैबिनेट मंत्रियो व विधायकों से कोई राय नही लेते। दीवान अरोड़ा ने कहा कि विधायक परगट सिंह द्वारा मुख्यमंत्री को बार-बार लिखे गए पत्रो में दिए गए सुझावों को नही माना गया व शराब तस्करी को रोकने के लिए आबकारी कॉर्पोरेशन का गठन भी नही किया गया। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब सरकार को 10000 करोड़ के सालाना रेवेन्यू का नुकसान हुआ है। जिसके लिए मुख्यमंत्री सीधे तौर से जिम्मेदार है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर द्वारा मंत्रियो व विधायकों द्वारा मुख्य सचिव पर लगाये गए संगीन आरोपो के पश्चात किसी प्रकार की कार्यवाही नही करने से साबित हुआ है कि मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव तथा शराब तस्कर व रेत माफिया आपस मे मिले हुए है तथा प्रदेश का खजाना दोनों हाथों से लूटा जा रहा है। उन्होंने कहा कांग्रेस ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में शराब पालिसी व सस्ती रेता देने के लिये माइनिंग पालिसी का वादा किया था। लेकिन तीन वर्ष सरकार के बीत जाने के पश्चात भी निजी हितों को मुख्य रखते हुए प्रदेश के जनहितों को दरकिनार किया गया।