दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान ने जालंधर में खोला नया आउटलेट

जालंधर (विकास शर्मा): दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा नूरमहल में संचालित सर्व श्री आशुतोष महाराज जी आयुर्वेदिक फार्मसी द्वारा उत्पादित संजीविका उत्पादों का  सिद्धार्थ नगर के नजदीक श्री गुरू रविदास चैंक, जालंधर में जन मानस की माँग पर आउट लेट खोला गया। सर्व प्रथम पंडित दिनेश शर्मा जी द्वारा पूजन हुआ। उसके उपरांत श्रीमति सुरिंदर कौर (सीनीयर डिपटी मेयर), साध्वी उर्मिला भारती जी,साध्वी वत्सला भारती जी द्वारा नारीयल फोड़ कर रिबन खोलकर आउट लेट की शुरूआत की गई।

इस दौरान स्वामी गुर्शरणानंद जी ने आयुर्वेद के विषय में बताते हुए कहा कि आयुर्वेद हमारी सनातन पुरातन पद्धति है। आयुर्वेद का ज्ञान पहले भारत के ऋषि मुनियों के वंशों के मौखिक रूप से आगे बढता गया। उसके बाद उसे पाँच हजार पूर्व एकग्रित करके लेखन किया गया। आयुर्वेद पर सबसे पूराने ग्रंथ संहिता, सुश्रुत संहिता और अंष्टांग हृदय है। यह अंतरिक्ष में पाए जाने वाले पाँच तत्व- पृथ्वी ,जल, वायु, अग्नि और आकाश जो हमारे व्यक्तिगत तंत्र पर प्रभाव डालता है उसके बारे में बताता है। 

आज यहाँ अग्रेजी दवाईयों के कुप्रभाव से लोग दुखी है। अणिकांश गरीब जनता अपने रोग को जउ से लनाश करने में असमर्थ है वही आयुर्वेद रामबाण है। वर्तमान समय में समस्त संसार प्रत्येक प्रदूषण से जूझ रहा है। ऐसी स्थिति में शरीर के अंदर फैले प्रदूषण को आयुर्वेद ही समाप्त कर सकता है। संस्थान द्वारा नूरमहल फार्मेसी में 300 से अधिक उत्पाद त्यार किए जाते है जो गुणवत्ता और शुद्धता के आधार पर खरे है।

इस अवसर पर गनमाने सज्जनों में स्वामी सज्जनानंद जी, स्वामी सदानंद जी श्री हरबंस जी (गीता मंदिर पिछोरियाँ मोहल्ला ), श्री जगजीवन सेठी, श्री सौरभ जी ( श्री गुरू रविदास मंदिर बस्ती गुजाँ ), श्री हरद्ववारी लाल यादव, राकेश चौधरी (माँ चिंतपूणि मंदिर) अश्वनी जी, सुकेश कुमार जी आर्किटेकट, सुरेद्र जी, रमेश जी और संतोख जी विशेष रूप से उपस्थित हुए।