धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र बनेगा विश्व का आदर्श ज्ञान केन्द्र : ज्ञानानंद

 कुरुक्षेत्र (सरबजोत दुग्गल) -  गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र पूरी दुनिया के लिए ज्ञान का आदर्श केन्द्र बनेगा। इस पावन धरा से पवित्र ग्रंथ गीता के संदेशों को विश्व के कोने-कोने तक पंहुचाने के लिए हर सम्भव प्रयास किए जा रहे है और अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव इसके लिए सबसे सशक्त माध्यम बन चुका है।

गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद गीता ज्ञान संस्थानम केन्द्र में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद को पत्रकारों ने सुझाव दिए कि कुरुक्षेत्र के ब्रहमसरोवर पर रोजाना पवित्र ग्रंथ गीता की आरती की जानी चाहिए, खासतौर पर गीता महोत्सव के दौरान गीता की आरती को किया जाना जरुरी है, महोत्सव के दौरान दूर दराज से आने वाले श्रद्घालुओं और पर्यटकों को गीता के 18 श्लौकों की एक छोटी बुकलेट वितरित की जानी चाहिए, महोत्सव के दौरान अंतर्राष्टï्रीय हवाई अड्डïे से विदेशी पर्यटकों की सीधी बस सेवा ट्रैवलर के जरिए शुरु की जानी चाहिए, अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव के दौरान सरस और शिल्प मेले में स्थानीय लोगों और दुकानदारों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए और पवित्र ग्रंथ गीता या श्लौकों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि पत्रकारों ने कुरुक्षेत्र और महोत्सव के पर्यटन और विकास के लिए दिए गए सभी सुझाव सराहनीय  है, इन सभी सुझावों को लेकर चर्चा करेंगे और अमलीजामा पहनाने का हरभरसक प्रयास भी करेंगे।

इस पावन धरा के ब्रहमसरोवर पर पवित्र ग्रंथ गीता की आरती को शुरु किया जाना जरुरी है, इस आरती के माध्यम से रोजाना ब्रहमसरोवर पर आने वाले लोगों को गीता के श्लौंको से जुडऩे का एक अवसर मिलेगा, हालांकि इससे पहले कुरुक्षेत्र को लेकर नई आरती शुरु करवाई गई थी, इस आरती में कुरुक्षेत्र की महता और ऐतिहासिक मुल्यों का गुणगान किया गया है। अब गीता आरती को लेकर गम्भीरता से काम करेंगे। उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि 7 दिसम्बर को अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव के मुख्य मंच मेला क्षेत्र में संत सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस संत सम्मेलन में स्वामी रामदेव, वाराणसी से रामुकमार दास जी, गोबिंद देव जी गिरी, चिंदानंद जी मुुनि, जैन परम्परा से लोकेश मुनि जी महाराज, पंजाब से भूपेन्द्र सिंह जी सहित हरियाणा से जाने-माने संत शिरकत करने जा रहे है। उन्होंने कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता को पाठयक्रम में शामिल करने के लिए अभी हाल में ही हरियाणा के शिक्षामंत्री कंवर पाल गुर्जर से मुलाकात की है।