डीजीपी दिनकर गुप्ता का विरोध

पंजाब पुलिस के डीजीपी दिनकर गुप्ता का लंदन में खालिस्तानी समर्थकों द्वारा विरोध करने का समाचार है। समाचार अनुसार दिनकर गुप्ता को शनिवार को लंदन में रेफरेंडम-2020 का समर्थन करने वाले गर्मख्याली संगठनों व खालिस्तान सर्मथकों के विरोध का सामना करना पड़ा। एक होटल के बाहर खालिस्तान समर्थकों ने गुप्ता का घेराव किया और उनके खिलाफ नारेबाजी भी की। उन्होंने इस घटना को फेसबुक पर भी लाइव किया। इंग्लैंड में परिवार सहित छुट्टियां मनाने गए दिनकर गुप्ता यहां एक होटल में ठहरे हुए थे। हालांकि, फेसबुक पर लाइव किए गए वीडियों में गुप्ता नहीं दिखाई दे रहे हैं, लेकिन विरोध करने वालों ने दावा किया कि उन्होंने गुप्ता को होटल से बाहर नहीं निकलने दिया। वहीं भारतीय दूतावास ने घटना का संज्ञान लिया है। 

रेफरेंडम 2020 के समर्थकों ने कहा कि डीजीपी ने डीआइजी इंटेलिजेंस रहते हुए झूठे केस दर्ज कर सिखों पर अत्याचार किया था। लिहाजा उनके विरुद्ध लंदन में केस  चला कर सिखों को इंसाफ दिलाया जाए। प्रदर्शनकारियों ने विक्की गौंडर जैसे गैंगस्टरों का समर्थन किया और डीजीपी गुप्ता पर उसके फर्जी एन्काउंटर का आरोप लगाया। गर्मख्याली इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, सोनिया गांधी आदि बड़े नेताओं का भी विरोध कर चुके हैं। इधर, पंजाब पुलिस ने अभी घेराव की खबर का न तो खंडन किया है और न ही पुष्टि की है। घेराव करने वालों ने फेसबुक लाइव के दौरान दावा किया कि बीते दिनों उन्होंने एआइजी काउंटर इंटेलिजेंस रजिंदर सिंह सोहल का भी घेराव किया था। 2012 में लेफ्टिनेंट जनरल केएस बराड़ पर लंदन में गर्मख्यालियों ने हमला किया था। इसमें वह घायल हो गए थे। तब वह लंदन के निजी दौरे पर थे। 

गौरतलब है कि कनाडा, इंगलैंड व अमेरिका जैसे देशों में गर्मख्याली सिख संगठन रेफरेंडम-2020 की तैयारी में लगे हैं। वे हर उस भारतीय नेता व अफसर का घेराव करते हैं, जो इस मुहिम के खिलाफ हैं। अमेरिका या इंग्लैंड में कोई ऐसा कानून नहीं है किसी निर्दोष भारतीय को गिरफ्तार कर उस पर कार्यवाही शुरू कर दे। रेफरेंडम 2020 मुहिम चलाने वाले आइएसआइ के समर्थक हैं।  

विदेशों में ही नहीं देश में भी अलगाववादी, देश विरोधी गतिविधियों के कारण आए दिन समाचार पत्रों की सुर्खियों में होते हैं। देश की एकता व अखण्डता को विदेशी धरती पर बैठे अलगाववादी धनबल के जोर पर चुनौती देते आए हैं और मौके बेमौके देश विरोधी तत्वों को सक्रिय करने की कोशिश करते रहते हैं। अलगाववादी तत्व सिखों की धार्मिक भावनाएं भड़का कर देश में विशेषत: पंजाब में महौल को खराब करना चाहते हैं। विदेशों में बैठे अलगाववादियों का पंजाब से नाता तो दशकों पहले टूट चुका है लेकिन पाकिस्तान के बहकावे में आकर शांत हुए पंजाब को एक बार फिर नफरत की आग में झुलसाने का प्रयास भी कर रहे हैं। अपने लक्ष्य की प्राप्ति हेतु आप्रेशन ब्ल्यू स्टार को अपनी ढाल बनाकर देश-विदेश में भारत के विरुद्ध लहर चला रहे हैं।

अलगाववादियों ने आज तक यह समझने का प्रयास नहीं किया कि आप्रेशन ब्ल्यू स्टार के लिए कौन-कौन से संगठन व लोग जिम्मेदार रहे हैं जिनके कारण सरकार को इतना बड़ा कदम उठाना पड़ा। वे इसके लिए आज तक केवल और केवल भारत के विरुद्ध बोलने में ही अपना हित समझते रहे हैं और भारत के विरुद्ध जहर उगलते हैं। अलगाववादियों के विरुद्ध कोई आवाज उठाता है तो वे उसे बंद करने का ही प्रयास करते हैं। पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता का विरोध भी इसीलिए हो रहा है, क्योंकि दिनकर गुप्ता को वह अपनी राह में एक बड़ी बाधा समझते हैं। भारत सरकार को अलगाववादियों कीे बढ़ती गतिविधियों पर नजर रखते हुए सख्त कदम उठाने चाहिएं। भारत की एकता व अखण्डता को चुनौती देने वाले चाहे वे देश के भीतर हों या बाहर, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर संदेश दिया जाना चाहिए कि देश के विरुद्ध सक्रिय शरारती तत्वों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

-इरविन खन्ना, मुख्य संपादक, दैनिक उत्तम हिन्दू।