डिवाईडर से टकरा कार पलटी, महिला की मौत, तीन घायल

शाहाबाद (स्वामी) - शाहाबाद-पिपली जीटी रोड पर कार पलटने से उसमें सवार महिला की मौत हो गई है जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मृतिका की पहचान सालोनी पत्नी गौरव निवासी लुधियाना के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एलएनजेपी कुरूक्षेत्र भेज दिया है।

जानकारी के मुताबिक लुधियाना की पोस्ट ऑफिस स्ट्रीट, शिवपुरी, मकान नं. 1111-16 निवासी  गौरव जैन अपनी पत्नी सालोनी,  पिता सुभाष चन्द्र, माता सुनीता देवी व अपनी डेढ वर्षीय बेटी साईशा के साथ रविवार को करीब एक बजे  कार में सवार होकर लुधियाना से मेरठ के लिए चला था। लेकिन जब वह शाहाबाद से 6 किलोमीटर दूर त्यौड़ा के पास पहुंचा तो अचानक कार का पिछला पहिया डिवाईडर से टकरा गया। जिससे कार अंसतुलित हो गई और पलटती हुई नाले में जा गिरी।

हादसे को देखते ही खेतों में काम कर रहे लोग मदद के लिए भागे और स ाी को कार से बाहर निकाला। राहगीरों की मदद से सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहाबाद में पहुंचाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने गौरव की पत्नी सालोनी को मृत घोषित कर दिया और गंभीर रूप से घायल सुनीता देवी को उपचार के लिए एलएनजेपी कुरूक्षेत्र भेज दिया। जबकि गौरव, सुभाष को छुटपुट चोटें आई हैं और सौभाग्यवंश बच्ची साईशा को किसी तरह की चोट नहीं लगी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर एलएनजेपी कुरूक्षेत्र भेज दिया है। उल्लेखनीय है कि गौरव व उसके पिता सुभाष लुधियाना में धागे का कारोबार करते हैं।

हेल्पर्स व सुखबीर सिंह ने पहुंचाई घायलों को राहत
इस हादसे में हेल्पर्स व समाज सेवी सुखबीर सिंह ने घायलों को राहत पहुंचाई। सुखबीर सिंह ने घायलों को एलएनजेपी पहुंचाने में मदद की और बिलखती बच्ची के लिए दूध आदि की व्यवस्था की। सुखबीर सिंह घायल महिला के साथ एलएनजेपी कुरूक्षेत्र भी पहुंचे और घायल के परिजनों व रिश्तेदारों को इस हादसे के बारे में सूचित किया। हेल्पर्स के प्रधान तिलक राज, सीता राम बत्तरा, लाडी, दीपक आदि मदद के लिए डटे रहे।

मॉं की गोद को ढूंढती रही बिलखती बच्ची
अस्प्ताल में रोती बिलखती डेढ वर्षीय बच्ची सालोनी को नहीं पता कि उसने अपनी माता सालोनी को खो दिया है। दूधमुंह बच्ची का रो-रो कर बुरा हाल था और वह अपनी मॉं के शव से लिपटर उसे उठाने का प्रयास कर रही थी। लेकिन उस बच्ची को नहीं पता था कि उसकी माता उस दुनिया में जा चुकी है जहां से कभी कोई वापिस नहीं आता। दादा सुभाष बच्ची को दुलार उसे चुप करवाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन मॉं की ममता के बिना वह चुप नहीं कर रही थी। बच्ची से मॉं से जुदा होने के दर्द को देखकर वहां खड़े हर श स की आंखों में आंसू आ रहे थे। हर कोई सालोनी को गोद में लेने का प्रयास करता रहा लेकिन वह अपनी मॉं की गोद को ढूंढ रही थी।