पुलिस हिरासत में होने वाली मौतों की सीबीआई जांच की मांग

चंडीगढ़ (विज)-पंजाब आम आदमी पार्टी (आप) के अध्यक्ष भगवंत मान ने प्रदेश में रहस्यमयी तरीके से हो रही हिरासती मौतों तथा आत्म-हत्याओं की समयबद्ध सीबीआई जांच की मांग की है। मान ने आज यहां कहा कि अमरिन्दर सरकार के कार्यकाल में जेलों और पुलिस हिरासत में डेढ़ दर्जन से अधिक मौतें हो चुकी हैं । इनमें बहुत से नशा तस्करी जैसे संगीन आरोपों का सामना कर रहे हैं। अमृतसर में ए.एस.आई अवतार सिंह का हिरासत में गोली मारकर आत्महत्या करना इसकी ताजा मिसाल है। इसे अपने साथी एएसआई साथी जोरावर सिंह के साथ नशा तस्करी के संगीन आरोप में गत 11 अगस्त की रात को गिरफ्तार किया था। सांसद मान ने कहा कि पंजाब पुलिस और सरकार की ओर से हिरासती मौतें /आत्महत्याओं के बारे में दिए जाने वाले बयान करीब-करीब एक ही जैसे हैरान -परेशान करने वाले हैं। इन हिरासती मौतें/आत्महत्याओं की कड़ी संदेह पैदा करती है। इसलिए हिरासती मौतों की सीबीआई जांच जरूरी है ताकि पुलिस की भूमिका साफ हो सके । 


आप नेता ने कहा कि इस कड़ी में अमृतसर के गुरपिन्दर सिंह की हिरासती मौत का मामला बेहद गंभीर है जो नमक का व्यापारी था और उस पर पाकिस्तान में नमक के बोरों में अरबों रुपए की हेरोइन तस्करी का आरोप था। मान के अनुसार फरीदकोट के जसपाल सिंह की हिरासती मौत के बाद पुलिस इंस्पैक्टर नरिन्दर सिंह की ओर से रहस्यमयी ढंग से की गई आत्महत्या इसी कड़ी का हिस्सा है । पिछले ढाई सालों में लुधियाना पुलिस की हिरासत में मौतें/आत्महत्याओं के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं।