कुवैत गए युवक की मौत, ग्रामीणों की शव भारत लाने की मांग

सीकर (उत्तम हिन्दू न्यूज): कुवैत में करीब एक महीने पहले काम के दौरान मशीन के नीचे दबने से शेखावाटी एक युवक की मौत हो गई। जिसकी ग्रामीणों ने बुजुर्ग माता-पिता सहित परिवार को अब तक भनक नहीं लगने दी। इसकी बजाय ग्रामीण खुद ही अपने स्तर पर उसके शव को कुवैत से मंगाने की जद्दोजहद में लगे हैं। ग्रामीण जिला प्रशासन से लेकर सांसद और विदेश मंत्रालय तक कई बार मिन्नतें कर चुके है। वहीं, मानवाधिकार आयोग में भी रिपोर्ट दी है। हालांकि मामले में अब तक कोई सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने अब एसडीएम को सामूहिक ज्ञापन देकर यह मुद्दा उठाया। जिसके बाद यह बात उजागर हुई।

सूत्रों के अनुसार नीमकाथाना के तिवाड़ी का बास गांव के भूपेश शर्मा ने बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाले बजरंगलाल शर्मा का छोटा बेटा नवीन कुमार सितम्बर 2018 को कुवैत गया था। कुवैत की लिमाक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करता था। 19 अप्रैल 2020 को नवीन के दोस्त मनोज केसवानी ने फोन पर बताया कि हादसे में नवीन मशीन के नीचे दब गया। उसकी मौके पर मौत हो गई। अभी तक परिवार के किसी भी सदस्य को हादसे की जानकारी नहीं है।

शर्मा ने बताया कि युवक का शव यहां लाने और मुआवजे के लिए लोग गांव के बाहर ही मीटिंग करते हैं, ताकि उसके परिजन को इस बात का पता नहीं लगे। उन्होंने नवीन के दोस्त मनोज को फोन कर किसी को हादसे के बारे नहीं बताने की बात कही। वे कंपनी से नवीन के दस्तावेज बनवाने में लग गए। उन्होंने सभी जगह पर मेल कर जल्द से जल्द शव को भारत लाने की मुहिम शुरू की है।

गौरतलब है कि बजरंगलाल शर्मा के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। नवीन डीडवाना के एजेंट के जरिए कुवैत गया था। कुवैत जाने के लिए रुपए भी उधार लिए थे। ग्रामीण सांसद सुमेधानंद सरस्वती से भी मिल चुके हैं। अभी तक शव को भारत लाने के लिए कोई रास्ता नहीं निकल सका है। कंपनी की ओर से एनओसी मिल चुकी है। नॉन इफेक्टिव बॉडी इन कोविड का सर्टिफिकेट भी मिल चुका है।