हाथियों के झुंड से कुचल कर एक युवक की मौत

रांची (उत्तम हिन्दू न्यूज) : पाकुडिय़ा प्रखंड के सीमावर्ती तालडीह गाँव में रविवार देर रात हाथियों का झुंड आ धमकने से आसपास के दर्जनों गाँव में दहशत का माहौल बन गया है जबकि खक्सा में हाथियों के झुंड ने एमानुवेल हेम्ब्रम नामक युवक की आज कुचल कर हत्या कर दी। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार झुंड में 30 की संख्या में जंगली हाथियों का पूरा परिवार है, जिनमें कई बच्चे भी हैं।

झुंड रविवार को दिन भर दुमका जिला के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के जंगली इलाकों में विचरण करता रहा। इस दौरान इन हाथियों ने शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के पागदाहा, लताकान्दर, डिबादाहा सहित विभिन्न गाँवों में जमकर उत्पात मचाया और रात को पाकुडिय़ा प्रखंड के सीमाई क्षेत्र तालडीह गाँव के जंगलझाड़ में आकर रूक गया।

दूसरे दिन सोमवार को भी हाथियों का पूरा परिवार उसी तालडीह गाँव के इदज़्गिदज़् सापादाहा, गणपुरा, डाबर गाँव में विचरण करता रहा। पाकुडिय़ा थाना क्षेत्र में हाथियों द्वारा क्षति पहुँचाए जाने की कोई सूचना नहीं है। हाथियों के उत्पात से दुमका जिला के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में रविवार को ही उसी इलाके के दो व्यक्तियों की मौत हो गयी थी और दो गंभीर रूप से घायल हो गये थे। एक युवक एमानुवेल हेम्ब्रम (30) की मौत आज तड़के हाथियों के कुचलने से हो गया। पाकुड़ के जिला उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने बताया कि मृतक के परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जायेगा।

विदित हो कि पाकुडिय़ा प्रखंड के तालडीह, सापादाहा, गणपुरा, डाबर गाँव दुमका जिला के सीमा पर अवस्थित है। अचानक जंगली हाथियों के आ धमकने से लोगों के आंखों की नींद गायब हो गई है। लोग रातजग्गा कर अपने स्तर पर हाथियों को भगाने के भरसक प्रयास में जुटे रहे। हाथियों को भगाने के लिए जगह-जगह टायर, ताड़ के पत्ते, बांस आदि जलाये जा रहे हैं। समाचार भेजने तक हाथियों का झुंड पाकुडिय़ा क्षेत्र से बाहर नहीं निकला था। सूचना पाकर पाकुडिय़ा पुलिस एवं वनकर्मी भी वहां पहुँचे लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली है।