'मुर्दा' बच्ची 8 घंटे बाद हुई जिंदा, डॉक्टरों के उड़े होश

चेन्नई (उत्तम हिन्दू न्यूज): क्या कभी आपने किसी मृत इंसान को जिंदा होता देखा है। अगर नहीं देखा तो हम आपको ऐसी घटना बताने जा रहे हैं जिसे पढ़कर आप भी हैरान रह जाएंगे। हुआ यूं कि आंध्र प्रदेश की रहने वाली सुरेशा ने प्री मैच्योर बच्ची को जन्म दिया। जन्म के बाद बच्ची रोई नहीं। डॉक्टरों ने जांच की तो बच्ची के दिल की धड़कन भी नहीं चल रही थी। उन्होंने बच्ची के पिता संदीप नायडू से बच्ची के जिंदा न होने की बात कही। इसके बाद अस्पताल स्टाफ ने बच्ची को थर्मोकोल के बक्से में रखकर संदीप को बक्सा पकड़ा दिया।



संदीप बच्ची को लेकर घर आ गया। गांव में परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। इतने में जब बच्ची को बक्से निकाला जाने लगा तो वे रोने लग पड़ी। इस पूरे घटनाक्रम में करीब आठ घंटे लगे। हैरानी वाली बात यह है कि बच्ची बिना ऑक्सिजन और बिना किसी लाइफ सपॉर्ट के उस बॉक्स में आठ घंटे तक जिंदा रही। इतना ही नहीं, उसके बाद भी बच्ची को अस्पताल ले जाने में लगभग तीन घंटे का समय लगा। बच्ची तीन महीने की हो चुकी है और पूरी तरह से स्वस्थ्य है। अस्पताल की डॉ. दीपा हरिहरन ने कहा कि वह खुद इस चमत्कार से हैरान हैं। उन्होंने कहा कि इस केस पर अब वे लोग रिसर्च कर रहे हैं।