स्मार्टफोन पर इतने दिनों तक जिंदा रह सकता है कोरोना वायरस, ये सावधानियां बरतें और रखें अपने आप को सेफ

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): कोरोना वायरस का संक्रमण हर ओर तेजी से फैल रहा है। ऐसे में स्मार्टफोन पर वायरस होने को लेकर कई लोगों के मन में सवाल उठ रहे होंगे कि क्या एक स्मार्टफोन से वायरस किसी यूजर में जा सकता है या किसी स्मार्टफोन में कोरोना वायरस कितनी देर तक रह सकता है। क्योंकि एक स्मार्टफोन ही हमारे द्वारा सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला गैजेट है। स्मार्टफोन दिनभर में कई सतहों और शरीर के हिस्सों को टच करता है जिसके चलते स्मार्टफोन में कीटाणु और वायरस स्मार्टफोन पर रहते हैं। जहां तक कोरोना वायरस की बात करें तो  2003 में WHO और इसी महीने आई NIH की स्टडी से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि ये वायरस ग्लास सर्फेस पर 96 घंटे यानी 4 दिन तक जीवित रह सकता है। 

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अब अधिकतर स्मार्टफोन्स फ्रंट ग्लास पैनल के साथ आते हैं तो यह कहा जा सकता है कि कोरोना वायरस एक स्मार्टफोन पर 4 दिन तक रह सकता है। ना सिर्फ स्मार्टफोन यानी कोई भी गैजेट जो ग्लास सर्फेस वाला है, चाहें वह स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच, टैबलेट या लैपटॉप हो उन सब पर कोरोना वायरस कई दिन तक रह सकता है। इन सभी गैजेट्स में स्मार्टफोन सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला गैजेट है। इसलिए जरूरी है कि आप अपने फोन को साफ रखें ताकि फोन पर कोरोना वायरस रहने का खतरा ना रहे। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते फिलहाल स्मार्टफोन यूज करते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है जो हम आपको बता रहे हैं।

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आइए हम बताते हैं कि कौन सी सावधानियां बरतने से आप कोरोना वायरस से अपना बचाव कर सकते हैं:-

-कोशिश करें कि किसी और व्यक्ति का फोन इस्तेमाल न करें और अपना स्मार्टफोन भी किसी और को न दें। बाहर गए हों तो बहुत जरूरी होने पर ही स्मार्टफोन जेब से निकालें और खुले में किसी टेबल या प्लेटफॉर्म पर रखने से बचें। साथ ही कॉमन चार्जिंग पोर्ट्स का इस्तेमाल भी इन दिनों न करने में ही समझदारी है। किसी से मिलने या बाहर से आने के बाद सीधे स्मार्टफोन इस्तेमाल न करें और उसकी साफ-सफाई का भी ध्यान रखें।

-स्मार्टफोन को डिसइन्फेक्ट करने के लिए आप क्लीनिंग लिक्विड की मदद ले सकते हैं और मोबाइल क्लीनिंग वाइप का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। स्मार्टफोन्स पर सामान्य क्लीनिंग स्प्रे या अल्कोहल का इस्तेमाल न करते हुए आप आइसोप्रॉपिल सॉल्यूशन यूज कर सकते हैं। माइक्रोफाइबर की मदद से डिवाइस को बिना रगड़े वाइप किया जा सकता है। आप चाहें तो बाहर जाते वक्त डिवाइस को सील्ड प्लास्टिक बैग में रखकर ले जाएं और बैग को डिस्पोज कर दें। सबसे बेहतरीन ऑप्शन यूवी लाइट की मदद से फोन क्लीन करना है और ऐसा करने से 99.99 प्रतिशत जर्म्स मर जाते हैं।

-किसी भी तरह के हार्ड लिक्विड या ब्लीच का इस्तेमाल फोन साफ करने के लिए न करें, यह डिस्प्ले पर लगी लेयर को डैमेज कर सकता है। फोन के पोर्ट्स में किसी तरह का लिक्विड या क्लीनिंग मटीरियल न जाए, इसका भी ध्यान रखना जरूरी है। मुलायम कपड़े का इस्तेमाल ही फोन को वाइप करने के लिए करें और उसे रगड़ने से बचें। बिना यह चेक किए कि आपका स्मार्टफोन IP रेटिंग के साथ आता है या नहीं, पानी जैसे लिक्विड का इस्तेमाल गलती से भी न करें। डिवाइस को साफ करते वक्त ग्लव्स पहनकर रखें। साथ ही, फोन साफ करने के बाद अपने हाथ धोना न भूलें।