कोरोना: महिलाओं की स्थिति बिगड़ी है

महिलाओं के साथ हमेशा से ही असमानता का व्यवहार होता आया है। यही वजह हेै कि घर, समाज और कार्यस्थल पर उन्हें आज भी भेदभाव का शिकार होना पड़ रहा है। यही सामाजिक मानसिकता समय-समय पर हिंसा का अलग-अलग स्वरूप बन कर सामने आती है। समाज मेें इसका विरोध भी बहुत धीमा होता है। शायद यही कारण है कि ज्यादातर लोग इसे चुपचाप स्वीकार कर लेते हैं। इस मुद्दे पर समय-समय पर विरोध जरूर होता रहा है, पर अभी तक हमारे यहां उस तरह का विकास नहीं हुआ, जहां महिलाएं अपने अधिकार और गरिमा के साथ सहजता से जी सकें। स्थिति ऐसी है कि देश महामारी से गुजर रहा है और इस स्थिति का सामना करने के लिए हर किसी का सहयोग जरूरी है। लोगों को तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति में महिलाओं को तमाम मौकों पर पीड़ा और अत्याचार का शिकार होना पड़ रहा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण द्वारा देश के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कराए गए एक ताजा सर्वे में पता चला है कि घरेलू हिंसा में बढ़ोत्तरी होने की वजह से महिलाओं की जो वर्तमान स्थिति सामने आ रही है।                              

-वीरेन्द्र बहादुर सिंह 
लेखक वरिष्ठ स्तंभकार हैं।