कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व ब्रांच मैनेजर और सेल्समैन नेपैक्स को लगाया 1.38 करोड़ का चूना

अंबाला (उत्तम हिन्दू न्यूज) : दोसड़का को-ऑपरेटिव बैंक के स्पेशल ऑडिट में 1.38 करोड़ रुपये के फर्जीवा़ड़े का पता चला है। जानकारी के मुताबिक, ब्रांच के तत्कालीन मैनेजर ने धीन पैक्स के पूर्व सेल्समैन के साथ मिलकर यह राशि न केवल अपने निजी खातों में डाली बल्कि एक ने अपनी पत्नी और दूसरे ने अपनी रिश्तेदार के खाते में ट्रांसफर कर ली।यह राशि वर्ष 2015 और 2016 में अलग-अलग तारीखों में यह राशि खातों में ट्रांसफर की गई। 

जानकारी के मुताबिक, जिस दिन जांच रिपोर्ट सबमिट करवाई गई उसी दिन कोऑपरेटिव बैंक के महाप्रबंधक को 15 दिनों की छुट्टी पर भेज दिया गया। 4 अक्टूबर 2018 को अंबाला कोऑपरेटिव बैंक के जीएम राजीव दलाल ने दोसड़का ब्रांच के स्पेशल ऑडिट का जिम्मा सौंपा। स्पेशल ऑडिट टीम ने जनवरी से मार्च तक दोसड़का ब्रांच का ऑडिट किया। इस दौरान टीम ने धीन पैक्स के जब सेविग खाते जांचे तब जाकर इस फर्जीवाड़े का उजागर हुआ। हालांकि बताया यह जा रहा है कि यह फ्रॉड 5 करोड़ रुपये से ज्यादा का हो सकता है, लेकिन इसके लिए धीन पैक्स संपूर्ण रिकार्ड को खंगालना पड़ेगा।

स्पेशल आडिट करने के बाद वरिष्ठ लेखाकार प्रदीप शर्मा जब अपनी रिपोर्ट सबमिट करवाने जीएम के पास गए तो कनिष्ठ लेखाकार जोकि बलदेव नगर शाखा में शाखा प्रबंधक कार्यरत हैं ने जांच रिपोर्ट महाप्रबंधक तक न पहुंच पाए इसके लिए उन पर दबाव बनाया। इससे पहले कुछ दिन पूर्व बैंक के स्थापना अधिकारी ने भी प्रदीप शर्मा को अपने कक्ष में बुलाकर उनपर दबाव बनाते हुए कहा था कि आप इस मामले को छोड़ दें, पहले ही बहुत जांच हो चुकी हैं। 

शर्मा ने निदेशक मंडल के 8 डायरेक्टरों को सौंपी अपनी शिकायत में कहा है कि 6 जून को दोपहर 2 बजे जब महाप्रबंधक को आडिट रिपोर्ट देने गए तो स्थापना अधिकारी ने उन्हें वहां जाने से रोक दिया। उसने कहा कि आप अंदर नहीं जा सकते। साथ ही कहा कि तुम उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते। इतना ही नहीं वहां पर प्रदीप शर्मा को बहुत अपमानित भी किया गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई।