भारत बंद का तृणमूल ने किया विरोध, कांग्रेस ने कहा-टीएमसी का रुख विरोधाभासी

कोलकाता (उत्तम हिन्दू न्यूज) : कल के यानी 10 सितंबर के भारत बंद को लेकर पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने सत्तारूढ़ तृणमूल पर बड़े गंभीर आरोप लगाए हैं। पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने कहा कि भारत बंद पर तृणमूल कांग्रेस का रुख अपने आप में विरोधाभासी है। आपको बता दें कि कांग्रेस में देश में पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों के विरोध में 10 सितंबर को भारत बंद करने की घोषणा की है। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को तृणमूल से सहयोग की अपेक्षा थी लेकिन बंद से पहले ही बंगाल में दोनों पार्टियों के बीच विवाद से एक बार फिर दोनों पार्टियों में आपसी सहमति को लेकर जंग दिख रहा है। 

मसलन कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर केंद्र द्वारा लगाए गए कड़े उत्पाद शुल्क एक आर्थिक आपदा है, जिससे आम जनता बेहद तकलीफ में जी रही है। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार ने ईंधन पर वैट लगाकर समस्या को और बढ़ा दिया है। बता दें कि पेट्रोल-डीजल के दाम में लगातार बढ़ोतरी पर नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस के 'भारत बंद' को विपक्ष की कुल 18 छोटी-बड़ी पार्टियों का समर्थन मिला है, वहीं तृणमूल कांग्रेस ने खुद को इस बंद से अलग रखते हुए कहा कि वह पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी जैसे मुद्दों को उठाती रहेगी लेकिन भारत बंद से अलग रहेगी। 

पार्टी महासचिव पार्था चटर्जी ने कहा कि इसके बजाय तृणमूल कांग्रेस उस दिन पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस जैसी आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों और रुपये के गिरते मूल्य के विरोध में समूचे राज्य में प्रदर्शन करेगी। चटर्जी ने कहा, हमलोग हड़ताल का विरोध नहीं कर रहे हैं और न ही हम इसमें हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि तृणमूल नहीं चाहती कि इससे जनजीवन प्रभावित हो। 
 

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