राफेल और एके-103 राइफल खरीद में सरकार का दोहरा मापदंड : कांग्रेस

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार फ्रांस के साथ राफेल लड़ाकू विमान खरीद और रूस के साथ ए के-103 राइफल खरीद सौदे में दोहरा मापदंड अपना रही है और उसे बताना चाहिए कि किस सौदे में रक्षा खरीद नियमों का उल्लंघन किया गया है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने बुधवार को यहां पार्टी की नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि मीडिया की खबरों के अनुसार रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सेना के लिए 3000 करोड़ रुपए के एके-103 राइफल सौदे में निजी कंपनी को ऑफसेट ठेका देने से रूस के अनुरोध को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि यह दो सरकारों के बीच हुआ सौदा है और इसमें निजी कंपनी को ऑफसेट काम देने की इजाजत नहीं है। रूस को यह भी बताया गया कि रक्षा खरीद नियम के तहत सिर्फ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ही इसके लिए अधिकृत है। निजी कंपनी को इसमें सहयोगी बनना है तो इसके लिए अलग से निविदा भरनी पड़ेगी। 

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को बताना चाहिए कि जिन नियमों का हवाला देकर उसने रूस को एके-103 राइफलों का ऑफसेट ठेका निजी कंपनी को देने से इनकार किया है क्या रक्षा सौदा खरीद का यह नियम राफेल लड़ाकू विमान सौदे में लागू नहीं होता है। यदि इस नियम का पालन एके-103 की खरीद के साथ किया जाता है तो राफेल लड़ाकू विमान सौदे में निजी कंपनी को ऑफसेट ठेका किस आधार पर दिया गया है। प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि अब साफ हो गया है कि राफेल या फिर एके-103 राइफ खरीद में सरकार झूठ बोल रही है और दोहरा मापदंड अपना रही है। सरकार को अब स्पष्ट करना चाहिए कि रक्षा खरीद नियमों का उल्लंघन इनमें से किस सौदे में हुआ है।
 

Related Stories: