कांग्रेस की सरकारों ने घोटालों में बनाए रिकॉर्ड : सतपाल सत्ती 

शिमला (जेमी शर्मा) - हिमाचल प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के समय घोटालों का विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए नकली गांधी परिवार ही जिम्मेवार था। उस दौरान 2-जी, कॉमनवैल्थ, कोयला घोटाला जैसे लाखों करोड़ के घोटाले हुए थे। तब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का कुसूर धृतराष्ट्र भ्रष्टाचार का खेल देखना भर था। जनता ने कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार से तंग आकर ही नरेन्द्र मोदी जैसा ईमानदार प्रधानमंत्री चुना था।

जमानत पर छूटे राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस को जनता इस बार भी नकार देगी। सत्ती ने कहा कि सोनिया गांधी की सरपरस्ती में 10 साल चली मनमोहन सिंह सरकार ने लाखों करोड़ रूपए का भ्रष्टाचार किया। इसमें एक लाख 76 हजार करोड़ रूपए का तो सिर्फ कोयला घोटाला था। दुनिया भर के खिलाडिय़ों से गुलजार हुई दिल्ली में कॉमनवैल्थ खेलों के नाम पर कांग्रेस सरकार ने भ्रष्टाचार का ओलंपिक कर डाला। उधर 2-जी घोटाले में भी अभूतपूर्व रिकॉर्ड बनया।

नेशनल हेरॉल्ड और एसोसिएटेड जर्नल्स के हजारों करोड़ के घपले में नकली गांधी परिवार जमानत पर छूट कर अदालतों के चक्कर काट रहा है। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह है कि सिर से पैर तक भ्रष्टाचार में डूबा कांग्रेस का शाही परिवार और राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईमानदारी पर उंगली उठा रहा हैं। जबकि राहुल गांधी को तो देश से माफी मांगनी चाहिए। नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह तक की कांग्रेस सरकारों ने घोटालों में रिकॉर्ड बनाए। लेकिन भ्रष्टाचार के विश्व रिकॉर्ड की ट्रॉफी तो नकली गांधी परिवार ने ही हासिल की।

सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि हिमाचल की जनता केंद्र और प्रदेश, दोनों जगह ईमानइार सरकार चाहती है। भाजपा के लिए यह गौरव की बात है कि भ्रष्ट विपक्ष द्वारा रफैल विमान सौदे में नरेन्द्र मोदी पर लगाए गए आरोप संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कहीं नहीं टिके। इसके बावजूद राहुल गांधी लगातार झूठे आरोप लगाते रहे और सुप्रीम कोटे से फटकार मिलने पर उन्हें हाथ जोड़ कर बिना शर्त माफी मागंनी पड़ी। उनके माफीनामे पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला अभी नहीं सुनाया है। उन्होंने कहा कि विकास का आधार ईमानदार सरकार होती है। भ्रष्ट सरकारें अपने नेताओं की तिजोरियां तो भर सकती हैं, जनता का भला नहीं कर सकती। ऐसे में हिमाचल की जागरूक जनता एक बार फिर सरकार के पक्ष में खड़ी दिखती है क्योंकि उसे ईमानदारी और बेईमानी में फर्क अच्छी तरह पता है।