अतिक्रमण हटाने को लेकर व्यापारी और प्रशासन में एक बार फिर टकराव

सोलन (प्रताप भारद्वाज): बुधवार को जिला प्रशासन व व्यापारियों के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति पैदा हो गई। इस दौरान व्यापारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शहर में रैली निकाली। व्यापारियोंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने त्यौहारों के दौरान अपनी कार्रवाई बंद नहीं की तो व्यापारी अपनी दुकानें अनिश्चितकाल तक बंद कर देंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन व सरकार की होगी। व्यापारियों ने प्रशासन द्वारा बार-बार उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर क्षेत्र के कांग्रेस व भाजपा के नेताओं को भी आड़े हाथों लिया। जानकारी के अनुसार सोलन जिला प्रशासन ने नगर परिषद, लोक निर्माण विभाग, खाद्य सुरक्षावपुलिस सहित अन्य विभागों की एकसंयुक्त टीम बनाई है। इस टीम को शहर में अतिक्रमण व खाद्य सामग्री बेचने सहित अन्य मामलों पर नजर रखकर कार्रवाई करने का जिम्मा सौंपा गया है।

इस टीम ने शहर के मालरोड से अपनी कार्रवाई शुरू की। टीम ने दुकानदारों व फड़ी वालों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाना शुरू किया। मालरोड पर कुछ दुकानदारों की टीम के सदस्यों के साथ बहस हुई।  उनका कहना था कि उनकी दुकानों के बाहर की जगह उनकी निजी जमीन है। प्रशासन इसकी निशानदेही भी करवा चुका है लेकिन बार-बार उन्हें तंग किया जा रहा है। इसके बाद टीम पुराने बस अड्डे से होती हुई जैसे ही चौक बाजार पहुंची तो व्यापारियों ने टीम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान प्रशासन व पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। व्यापारियों का कहना था कि दीवाली भारत में व्यापारियों का सीजन होता है। जैसे किसानों- बागवानों का सीजन होता है, वैसे ही यह व्यापारियों का सीजन है। ऐसे में जिला प्रशासन की टीम लगातार व्यापारियों को तंग कर रही है।

व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष कुशल जेठी ने कहा कि यदि जिला प्रशासन ने त्यौहार के दौरान अपनी कार्रवाई बंद नहीं की तो सोलन शहर के व्यापारी अनिश्चितकालीन समय तक अपनी दुकानें बंद कर देंगे और शहर में काली दीवाली मनाई जाएगी। बता दें कि कुछ दिन पहले भी व्यापारियों व जिला प्रशासन की टीम के बीच इसी प्रकार से रविवार को दुकानें खोलने को लेकर टकराव हो चुका है। इस मौके पर नेहरू युवक मंडल के उपप्रधान ज्ञान चंद, सचिव पवन तथा पंकज, शिप्पी, संजू, हरीश व अन्य सदस्य मौजूद रहे।