सीएम योगी ने की महानिशा की आराधना

गोरखपुर (उत्तम हिन्दू न्यूज): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने गोरक्षनाथ मंदिर स्थित आवास के शक्तिपीठ में महानिशा पूजा भी किया। करीब ढाई घंटे चली शक्ति आराधना में महानिशा पूजा के बाद विधि-विधान से हवन पूजन सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने नारियल गन्ना , केला, जायफर, खीरा की सात्विक बलि देकर नवरात्र की अष्टमी तिथि की आराधना पूर्ण की। इसके बाद शस्त्र पूजन, द्वादश ज्योर्तिलिंग-अर्धनारीश्वर एवं शिव शक्ति पूजन, बटुक भैरव़िसूल पर्वत पुजन का अनुष्ठान कराया।

गौरतलब है कि नाथ पंथ की परम्परा के अनुसार अष्टमी का हवन अष्टमी तिथि की रात में ही हो जाता है। योगी ने शिववतार बाबा गोरक्षनाथ का परम्परागत रूप से पूजा अर्चन कर मत्था टेका और अपने गुरू ब्रहमलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर आर्शीवाद लिया।चार दिन के लिए आये योगी ने आज दूसरे दिन मंदिर परिसर में स्थित गौ-शाला का निरीक्षण करने के बाद वहा पर गायों को गुण एवं चना खिलाया और इसके बाद अपने आवास पर मंदिर स्थित आवास पर कुछ लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और उसके निस्तारण के निर्देश अधिकारियों को दिये।

योगी ने इसके बाद अधिकारियों से मुलाकात की और त्योहारों को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कोविड-19 से बचाव के प्रोटोंकाल का पालन करते हुए सकुशन त्योहार सकुशल कराने का निर्देश दिया। गोरखपुर के जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रतिमा विसर्जन के लिए तालाब आदि की जानकारी लीशहर क्षेत्र में राजघाट सहित तीन स्थानों पर नौ कृत्रिम तालाब बनवाये गये हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को बताया गया है कि तालाब तैयार कर लिऐ गये हैं और आज शनिवार को निरीक्षण भी किया गया है।