जन दरबार में गैर हाजिरी पर एक्शन मोड में दिखे सीएम खट्टर

करनाल (आशुतोष गौतम): मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरूवार को शहर के डॉ. मंगलसेन सभागार में आयोजित जन सुनवाई कार्यक्रम में करीब 100 फरियादियों की समस्या अथवा शिकायतें सुनकर सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश देकर मौके पर ही उनका समाधान कर, सरकार और जनता के बीच की दूरी समाप्त करके प्रजातांत्रिक मूल्यों का निर्वाह किया। इनमें कुछ एक शिकायतें ऐसी थी, जिनका चण्डीगढ़ स्तर पर जांच करवाने के बाद समाधान निकालने के लिए मुख्यमंत्री ने फरियादियों के आधार नम्बर, उनके आवेदनो पर ले लिए। पूरी तरह से सोशल डिस्टैंसिंग के प्रोटोकॉल के बीच करीब 4 घण्टे तक मुख्यमंत्री और शिकायतकर्ताओं के बीच जन सुनवाई का सिलसिला जारी रहा, जिसमें अधिकांश लोगों की बात सुनकर उन्हें न्याय मिला और कईयों ने सभागार में ही कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री की मुक्त कंठ से सराहना की।

बता दें कि जन सुनवाई कार्यक्रम में अधिकतर शिकायतें पुलिस व नगर निगम से सम्बंधित थी।
 रोजगार विभाग से सम्बंधित एक शिकायत की सुनवाई में जिला रोजगार अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर मुख्यमंत्री ने उन्हें तुरंत प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए। लेकिन यह भी कहा कि सम्बंधित अधिकारी की अनुपस्थिति का कारण यदि अपरिहार्य पाया गया, तो निलंबन आदेश पर पुर्नविचार किया जाएगा। बता दें कि करनाल में जिला रोजगार अधिकारी का पद रिक्त होने के कारण सरकार की ओर से सोनीपत के रोजगार अधिकारी राजेश सांगवान को मंगलवार और वीरवार के दिन करनाल कार्यालय के लिए निश्चित किए गए हैं। सम्बंधित कार्यालय द्वारा उन्हें जन सुनवाई कार्यक्रम में उपस्थित होने का संदेश भी दे दिया गया था, लेकिन बावजूद उसके वह आज अनुपस्थित रहे। अधिकारी की अनुपस्थिति का कारण अभी स्पष्टï नहीं हुआ है। शिकायतों के निपटारे के बाद मुख्यमंत्री मीडिया से रूबरू हुए और उनके सवालों के जवाब दिए।

 पत्रकारों के सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि चाइनीज़ वस्तुओं के आयात या उस पर प्रतिबंद्घ का फैसला नीति आयोग लेता है, जहां तक हरियाणा प्रदेश की बात है, चीनी सामान के लिए कोई भी नया करार नहीं किया जा रहा है, बल्कि जो काम अभी तक नहीं आरंभ नहीं हुए हैं, उनमें बिजली विभाग के 750 करोड़ रुपये के 2 कार्य चाईनीज कंपनी को दिए थे, उन्हें रद्द कर दिया गया है। आने वाले समय में स्वदेशी कंपनी को टैंडर देने में प्राथमिकता दी जाएगी। निजी स्कूलों से जुड़े फीस जैसे मामलों को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि स्कूल प्रबंधक व अभिभावकों के बीच फीस को लेकर जो बातें होती रही, उनका रास्ता निकालने के लिए सरकार ने कहा था कि निजी स्कूल अभिभावकों से ट्ïयूशन फीस ले सकते हैं, ताकि उनके खर्चे चलते रहें। यह मामला दोनों तरफ का है और दोनों पक्षों की सहमति से ही इसका समाधान रहेगा। जन सुनवाई कार्यक्रम में करनाल के सांसद संजय भाटिया, इन्द्री के विधायक राम कुमार कश्यप, प्रदेश महामंत्री एडवोकेट वेदपाल, जिला प्रधान जगमोहन आनन्द, डीसी निशांत कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक एस.एस. भौरिया, मेयर रेणु बाला गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला व अन्य उपस्थित रहे।