नागरिकता संशोधन बिल : शिवसेना ने बढ़ाई सरकार की टेंशन, राज्यसभा में समर्थन से पहले रखी शर्त

मुंबई (उत्तम हिन्दू न्यूज) : लोकसभा में पारित होने के बाद अब राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल को लेकर सियासत गरमाने लगी है। आज शिवसेना प्रमुख व महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि जब तक विधेयक के बारे में सभी बातें स्पष्ट नहीं हो जाती तब तक उनकी पार्टी इस बिल का समर्थन नहीं करेगी। हालांकि पार्टी ने लोकसभा में बिल का समर्थन किया था। ये बिल बुधवार को राज्यसभा में पेश किया जाना है।

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ठाकरे के मुताबिक अगर कोई भी नागरिक इस बिल के कारण डरा हुआ है तो उसकी शंका दूर की जानी चाहिए। वे हमारे नागरिक हैं इसलिए उनके सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए। लोकसभा में समर्थन करने के बाद ठाकरे का नया बयान सस्पेंस पैदा करने वाला है।

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उधर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ट्वीट करके कहा कि जो भी इस बिल का समर्थन कर रहा है, वह देश की बुनियाद पर हमला कर रहा है। बीजेपी पर बरसते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, यह एक भ्रम है कि जो भी असहमत हो, वह देशद्रोही है। हमने नागरिकता संशोधन बिल में कुल बदलावों का सुझाव दिया। हम इस पर राज्यसभा में विस्तृत चर्चा चाहते हैं, जिससे चीजें और स्पष्ट हो सकें। नागरिकता संशोधन विधेयक पर लोकसभा में जिन दलों ने समर्थन किया है। इस लिहाज से राज्यसभा में आंकड़ों को देखें तो यह संख्या 119 है। इनमें भाजपा के 83, बीजेडी के 7, एआइएडीएमके के 11, अकाली दल के 3,जेडीयू के 6 वाईएसआर कांग्रेस के 2, एलजेपी के 1, आरपीआई के 1  और 4 नामित राज्यसभा सदस्य हैं। इसके बावजूद विपक्ष राज्यसभा में विधेयक को रोकने में बहुत मजबूत है क्योंकि राज्यसभा में कांग्रेस के 46, टीएमसी के 13, सपा के 9, वामदल के 6 और डीएमके के 5 और आरजेडी, एनसीपी और बसपा के 4-4 सदस्य हैं। विपक्ष के पास कुल 100 सदस्य हैं।