अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर चीन चिंतित

बीजिंग (उत्तम हिन्दू न्यूज): चीन ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर मंगलवार को चिंता जताई और दोनों देशों से संयम से काम लेने का आग्रह किया। चीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे रहा था कि अगर ईरान ने अमेरिका पर हमला किया तो उसका नामोनिशान मिट जाएगा।

रविवार को बगदाद के महत्वपूर्ण ग्रीन जोन में एक रॉकेट आकर गिरा था, जहां सरकार के कई कार्यालय और अमेरिका समेत कई देशों के दूतावास हैं। यह साफ नहीं हुआ है कि रॉकेट कहां से दागा गया था। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने कहा, "हमने हाल के दिनों में खाड़ी क्षेत्र में पैदा हुए तनाव का संज्ञान लिया है। चीन ने अमेरिका से बात की है। हमारे स्टेट काउंसलर वांग यी ने अमेरिका के रक्षा मंत्री माइक पोम्पियो से फोन पर बात की है।"

यह पूछे जाने पर कि क्या चीन तनाव से चिंतित है, कांग ने कहा, "बिलकुल है, इलाके में तनाव से किसी देश का कोई फायदा नहीं होगा और न ही इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था का कोई भला होगा। इसीलिए हम संबद्ध पक्षों से संपर्क कर संयम और समस्या का समाधान मिलकर करने का आग्रह कर रहे हैं।"

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव उस समय बढ़ गया, जब अमेरिका ने ईरान के साथ हुए परमाणु करार से खुद को अलग कर लिया और ईरान पर फिर से प्रतिबंध लगा दिया। चीन, ईरान से कच्चे तेल के आयात के मामले में शीर्ष पर है और उसने अमेरिकी प्रतिबंधों का विरोध किया है। चीन के ईरान से गहरे व्यावसायिक संबंध हैं लेकिन इसके साथ ही उसके ईरान के विरोधी सऊदी अरब से भी काफी अच्छे संबंध हैं।