Friday, April 26, 2019 06:31 PM

48 कोस के तीर्थों की परिक्रमा 28 को करेंगे मुख्यमंत्री, तैयारियों में जुटा प्रशासन 

करनाल (आशुतोष गौतम): मुख्यमंत्री मनोहर लाल आगामी 28 सितम्बर को 48 कोस कुरूक्षेत्र भूमि के अंतर्गत आने वाले करनाल जिला के विभिन्न तीर्थो का दौरा करेंगे तथा स्थानीय लोगो से बातचीत करेंगे। इसे लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री के ओ.एस.डी. अमरेन्द्र सिंह, भाजपा जिला प्रधान जगमोहन आनन्द, उपायुक्त डॉ. आदित्य दहिया, पुलिस अधीक्षक एस.एस. भोरिया, के.बी.डी. के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा तथा गैर सरकारी सदस्य उपेन्द्र सिंगल ने विभिन्न तीर्थ स्थलो पर जाकर यहां की स्थिति और प्रबंधो का जायजा लिया और मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर रूट तय किया। 

उनके साथ सहायक आयुक्त (प्रशिक्षणाधीन) साहिल गुप्ता, करनाल व असंध के एस.डी.एम., के.डी.बी. के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संयम गर्ग तथा डी.डी.पी.ओ. कुलभूषण बसंल भी थे। इससे पूर्व उपायुक्त ने लघु सचिवालय के सभागार में मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करके तीर्थो की वर्तमान स्थिति, अपेक्षित प्रबंध तथा यात्रा मार्ग पर चर्चा की। बैठक में उन्होने सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के दौरे से पूर्व स्थानीय पंचायत से सम्पर्क कर सभी आवश्यक प्रबंध पूरे कर लिए जाएं। बता दें कि 48 कोस की कुरूक्षेत्र भूमि जिसमें करनाल का भाग भी शामिल है, के कण-कण में गौरवशाली इतिहास छिपा है। कहा जाता है कि इनमें बहुत से तीर्थ महाभारत काल से जुड़े हैं, इसे देखते हुए इनका महत्व और भी बढ़ जाता है। मुख्यमंत्री की सोच है कि धार्मिक और एतिहासिक दृष्टि से महत्व रखने वाले तीर्थो का जीर्णोद्धार हो और दुनियाभर के पर्यटक इनके दर्शन व परिक्रमा करने आएं। करनाल जिला में इस तरह के करीब 34 तीर्थ हैं। 


इनमें वेदवती तीर्थ सीतामाई, मिश्रक तीर्थ निसिंग, आहन तीर्थ निगदु, त्रिगुणानन्द तीर्थ गुनियाना, पावन तीर्थ उपलाना, जम्बूनद तीर्थ जबाला, दशाष्वमेध तीर्थ सालवन, धनक्षेत्र तीर्थ व जरासंध का टीला असंध, विमलसर तीर्थ सग्गा, सूर्यकुण्ड ओंगद, पृथ्वी तीर्थ बालू, पराशर तीर्थ बहलोलपुर, दक्षेश्वर तीर्थ डाचर, व्यास स्थली बसतली, गोतम ऋषि तीर्थ गोदंर, ब्रह्म तीर्थ सावंत, अक्षयतीर्थ बड़थल, फल्गु तीर्थ फफडाना, जेष्टाश्रम तीर्थ, कोटी तीर्थ व सूर्य तीर्थ तथा वामनक तीर्थ बोडष्याम, ब्रह्म तीर्थ रसालवा, अंजली तीर्थ अंजनथली, जमदिग्न कुण्ड जलमाना, सोमतीर्थ समाना बाहु, चुच्चुकारण्डव तीर्थ चोरकारसा, कोटि तीर्थ कुरलन, पंचदेव तीर्थ पाढा, प्रोक्ष्णी तीर्थ पतनपुरी तथा कौशिकी तीर्थ कोयर शामिल हैं। इनमेें से कुछ तीर्थ लुप्त होने की कगार पर हैं। 

मुख्यमंत्री के प्रयास हैं कि इनका सौंदर्यकरण कर इनका पुराना स्वरूप बहाल किया जाए। ओएसडी व उनके साथ गए जिला प्रधान, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक तथा केबीडी से आए पदाधिकारियों ने सग्गा, सीतामाई, बसतली, गुनियाना, निसिंग, गोंदर, डाचर, जलमाना, असंध, उपलाना सहित करीब एक दर्जन तीर्थो का दौरा किया और स्थानीय लोगो से तीर्थ की स्थिति और महत्व को लेकर बातचीत की। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर ग्रामीणो में भी उत्साह दिखाई दिया। उनका कहना था कि यह पहला मौका है कि जब किसी  मुख्यमंत्री ने एतिहासिक और धार्मिक महत्व के तीर्थो की सुध ली है। यह भी कहना होगा कि तीर्थो के  जीर्णोद्धार से युवा पीढ़ी भी इसके महत्व को समझेगी। दौरे में उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग, मार्किटिंग बोर्ड, पंचायती राज विभाग, रोडवेज व पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अगले कुछ दिनो में तीर्थो पर साफ-सफाई, पानी की व्यवस्था, लाईट का प्रबंध, सड़को की मरम्मत और उन पर पथ सूचक बोर्ड तथा क्रेन की व्यवस्था इत्यादि के प्रबंध किए जाने सुनिश्चित करें। 

देश की सबसे बड़ी और तेज WhatsApp News Service से जुड़ने के लिए हमारे नंब 7400023000 पर Missed Call दें। इस नंबर को Save करना मत भूलें।