मध्य प्रदेश व्यापमं घोटाले की जड़ मुख्यमंत्री : सिब्बल

भोपाल (उत्तम हिन्दू न्यूज): कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने मध्य प्रदेश के व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) में हुए घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर शनिवार को यहां बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि तीन हजार लोगों को तो आरोपी बना दिया गया है, मगर इस घोटाले की वास्तविक जड़ मुख्यमंत्री (शिवराज सिंह चौहान) हैं, उन्हें अबतक आरोपी नहीं बनाया गया है। भोपाल की विशेष अदालत में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा दायर निजी शिकायत को लेकर शनिवार को बयान दर्ज किए गए। इस मौके पर सिंह ने अपना पक्ष रखा। वहीं उनके साथ कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा भी उपस्थित थे। 

निजी शिकायत पर बयान दर्ज होने के बाद सिब्बल ने कांग्रेस कार्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में शिवराज सिंह चौहान का नाम लिए बगैर कहा, इस घोटाले की जड़ मुख्यमंत्री हैं, और इस शिकायत के जरिए यह बात साबित करके दिखाई जाएगी। क्योंकि, हार्ड डिस्क से जो डेटा मिला था, उसमें नियुक्तियों या चयन में सिफारिश करने वाालों के तौर पर 48 जगह मुख्यमंत्री के अलावा उमा भारती और मिनिस्टर एक, मिनिस्टर दो, मिनिस्टर तीन आदि लिखा हुआ था। 

सिब्बल ने आरोप लगाया, इस व्यापमं घोटाले में 3000 लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है, मगर इसकी जड़ मुख्यमंत्री पर अबतक मामला ही दर्ज नहीं हुआ है। इसीलिए दिग्विजय सिंह की ओर से निजी शिकायत विशेष अदालत में दर्ज कराई गई है। इस बात को साबित किया जाएगा कि व्यापमं की जड़ मुख्यमंत्री हैं। सिब्बल ने आरोप लगाया कि सभी जांच एजेंसियां मिली हुई हैं और मुख्यमंत्री व मंत्री को बचाने में लगी हुई हैं। 

व्यापमं घोटाले की जांच के दौरान कंप्यूटर से जब्त हार्ड डिस्क (सीडी) से की गई छेड़छाड़ का जिक्र करते हुए सिब्बल ने आरोप लगाया कि एसटीएफ द्वारा 18 जुलाई, 2013 को हार्ड डिस्क जब्त किए जाने की सूचना भोपाल में 4.30 बजे शाम को दी जाती है, जबकि यह डिस्क उसी दिन 4़ 20 बजे इंदौर में प्रशांत पांडे के पास होती है। वास्तव में यह डिस्क 17 जुलाई को जब्त की गई थी।

वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने इस मौके पर कहा कि दिग्विजय सिंह की ओर से न्यायालय में दर्ज कराई गई निजी शिकायत में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित अन्य को पक्ष बनाया गया है। 

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