ग्रेच्युटी के नियमों में हुए बदलाव, जानिए अब कब और कैसे मिलेगा आपको पैसा

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): संसद में तीन लेबर कोड बिलों (Labour Code Bills) पारित हो गया है। जानकारी के अनुसार इनमें ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन बिल- 2020, इंडस्ट्रियल रिलेशन बिल- 2020 और सोशल सिक्योरिटी बिल- 2020 शामिल हैं। सोशल सिक्योरिटी बिल, 2020 के चैप्टर 5 में ग्रेच्युटी के नियम की जानकारी दी गई है। इसमें सबसे पहले ग्रेच्युटी के बारे में जानते हैं। एक ही कंपनी में लंबे समय तक काम करने वाले कर्मचारियों को सैलरी, पेंशन और प्रोविडेंट फंड के अलावा ग्रेच्युटी भी दी जाती है। आपको बता दें कि ग्रेच्‍युटी किसी कर्मचारी को कंपनी की तरफ से मिलने वाला रिवार्ड होता है। अगर कर्मचारी नौकरी की कुछ शर्तों को पूरा करता है तो ग्रेच्‍युटी का भुगतान एक निर्धारित फॉर्मूले के तहत गारंटीड तौर पर उसे दिया जाएगा। नए नियम के मुताबिक सरकार ने निश्चित अवधि (फिक्स्ड टर्म) वाले कर्मचारियों के लिए यानी कॉन्ट्रैक्ट पर नौकरी करने वालों के लिए ये व्यसस्था कर दी है। अगर कोई कॉन्ट्रैक्ट पर किसी कंपनी के साथ एक साल फिक्स्ड टर्म के साथ काम करता है तो भी उसे ग्रेच्युटी मिलेगी।

 

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जाने कैसे उठा सकतें हैं आप इसका फायदा
जानकारी के लिए आपको बता दें कि अन्य के लिए पुराना वाला नियम ही जारी रहेगा। मौजूदा समय में पांच साल की नौकरी पूरी करने पर हर साल 15 दिन के वेतन के हिसाब से ग्रेच्युटी निर्धारित है। ग्रेच्युटी कंपनी की ओर से कर्मचारियों को दी जाती है। इसकी अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये होती है। कर्मचारी ने एक ही कंपनी में 20 साल काम किया और उसका अंतिम वेतन 60 हजार रुपये है। इस वेतन को 26 से भाग दिया जाता है, क्योंकि ग्रेच्युटी के लिए 26 कार्यदिवस माना जाता है। इससे 2,307 रुपये की रकम निकलेगी।

बदल गया ग्रेच्युटी का नियम, 1 साल कंपनी में काम करने पर भी मिल जाएगा आपको  पैसा ।gratuity law change due to central government change labour bills


कांट्रैक्ट पर नौकरी करने वालों को मिलेगा फायदा 
फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों के लिए न्यूनतम अवधि की शर्त नहीं-इसके तहत निश्चित अवधि (फिक्स्ड टर्म) वाले कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी के भुगतान का प्रावधान किया गया है और इसके लिए न्यूनतम सेवा अवधि की कोई शर्त नहीं होगी। पहली बार, एक निश्चित अवधि वाला कर्मचारी जो एक निर्धारित अवधि के लिए काम कर रहा है, उसे एक नियमित कर्मचारी की तरह सामाजिक सुरक्षा का अधिकार दिया गया है। फिक्स्ड टर्म का मतलब अनुबंध यानी कांट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों से होता है। 

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नए नियमों के मुताबिक कबतक मिलेगा ग्रेच्युटी का पैसा
चैप्टर 5 में कहा गया है कि कर्मचारी को नौकरी के खत्म होने पर लगातार पांच साल की सर्विस देने पर ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाएगा। यह सेवानिवृत्ति, रिटायरमेंट या इस्तीफा, दुर्घटना या बीमारी से मौत या दिव्यांगता पर होगा। हालांकि, वर्किंग जर्नलिस्ट के केस में यह पांच साल की जगह तीन साल की होगी। इसके अलावा लगातार पांच साल की सर्विस जरूरी नहीं होगी।