लॉकडाऊन 5 को लेकर राज्य सरकारों से केंद्र का मंथन, ये बंदिशें रह सकती हैं जारी 

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): कोरोना वायरस से बचाव के लिए लगाया लॉकडाऊन 4.0 को खत्म होने में 4 दिन बचे हैं। इस लॉकडाऊन के खत्म होने की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है वैसे-वैसे इस लॉकडाऊन के बढऩे, रियायतों के संबंध में कयासों का बाजार गर्म होता जा रहा है। इन्हीं कयासों के बीच कोई कह रहा है कि लॉकडाऊन 5.0 आएगा और कोई कह रहा है कि ऐसा कुछ नहीं होगा बल्कि रियायतें पहले से काफी ज्यादा बढ़ जाएंगी। हालांकि इस बारे में सरकार की तरफ से कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है फिर भी कयास जारी हैं। इस बीच आज कैबिनेट सेक्रेटरी राजीव गौबा ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और प्रमुख स्वास्थ्य सचिवों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में लॉकडाउन को आगे बढ़ाया जाए या नहीं इसको लेकर चर्चा की गई।

Lockdown 5.0: एक बार फिर बढ़ने जा रही है लॉकडाउन की अवधि! क्या होंगे नए नियम, जानें सबकुछ

यह मीटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि लॉकडाउन 4.0, 31 मई को समाप्त हो रहा है, इस लिहाज से यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। देश में रेस्तरां व खाने पीने के स्थानों जहां लोग जुटते हैं, इनके खोले जाने पर अभी विचार किया जा रहा है, लेकिन इस बाबत भी चर्चा है कि यह फैसला करने का अधिकार भी राज्य सरकार को दे दिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फिलहाल प्रतिबंध जारी रहने की उम्मीद है। कोरोना केसों की बात करें तो देश के 11 शहरों पर दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, ठाणे, इंदौर, चेन्नई, अहमदाबाद, जयपुर, सूरत और कोलकाता में कोरोना केसों की संख्या सबसे ज्यादा है। 31 मई के बाद इन शहरों पर फोकस ज्यादा किया जाएगा। हालांकि बच्चों को अभी भी घर पर ही बैठे रहना होगा। स्कूल बंद रहने का सिलसिला जारी रहेगा। 15 जून तक स्कूलों और कॉलेजों को बंद ही रखा जा सकता है। वैसे भी राज्य सरकारें कह चुकी हैं कि स्कूल गर्मी की छुट्टियों के बाद ही खुलेंगे। इसी प्रकार जिम और शॉपिंग मॉल्स जिन्हें बंद किया गया है उन्हें खुलने की इजाजत दी जा सकती है। हालांकि, कंटेनमेंट जोन में इन्हें खोलने की छूट मुमकिन नहीं। फ्लाइट्स और रेलवे के बाद मेट्रो सेवा भी शुरू की जा सकती है लेकिन मेट्रो शहर में बढ़ते कोरोना केस मेट्रो के संचालन पर ब्रेक लगा रहे हैं।

Extend the lockdown: That is the only way India can deal with the ...