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करनाल-यमुनानगर रेलमार्ग को केंद्र ने प्रदान की स्वीकृति

चंडीगढ़/चंद्र शेखर धरणीः हरियााणा में पश्चिमी यमुना नहर के साथ बनने वाले करनाल-यमुनानगर रेलमार्ग की केंद्र द्वारा स्वीकृति  प्रदान कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि हरियााणा प्रदेश की व
करनाल-यमुनानगर रेलमार्ग को केंद्र ने प्रदान की स्वीकृति

चंडीगढ़/चंद्र शेखर धरणीः हरियााणा में पश्चिमी यमुना नहर के साथ बनने वाले करनाल-यमुनानगर रेलमार्ग की केंद्र द्वारा स्वीकृति  प्रदान कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि हरियााणा प्रदेश की विभिन्न महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं के कार्यों को गति देने की दिशा में हरियााणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को नई दिल्ली में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ बैठक कर विचार-विमर्श किया। हरियााण की विभिन्न महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं के संदर्भ में हरियााण के मुख्यमंत्री मनोहर लाल गत लंबे समय से रेल मंत्री से लगातार बैठकें  कर रहे हैं। मंगलवार को बैठक के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए हरियााण के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि हरियााणा में पश्चिमी यमुना नहर के साथ बनने वाली करनाल-यमुनानगर रेलमार्ग की केंद्र द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। पश्चिमी यमुना नहर के साथ बनने से करनाल-यमुनानगर रेलमार्ग  के निर्माण में लगभग 400 करोड रूपये की लागत भी कम होगी। इसके अतिरिक्त रोहतक व कुरूक्षेत्र के एलिवेटिड रेलवे ट्रैक की भांति कैथल के एलिवेटिड रेलवे ट्रैक की स्वीकृति भी केंद्र द्वारा प्रदान कर दी गई है।
हरियााण के मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र द्वारा दिल्ली-हिसार (180 किलोमीटर प्रति घंटा क्षमतायुकत) रेलमार्ग परियोजना की  प्रक्रिया को भी केंद्र द्वारा गति दी जाएगी। इस रेलमार्ग परियोजना से हिसार के सिविल एविएशन हब के विकास को भी गति मिलेगी। उन्होंने  बताया कि कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस वे के साथ बनने वाले 121.7 किलोमीटर लंबे हरियााणा ऑर्बिटल रेल कॉरेडोर की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों द्वारा करवाए जाने बारे विचार-विमर्श हुआ। आधारशिला कार्यक्रम के लिए रेल मंत्री व हरियााणा के मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री से अनुरोध किया जाएगा।

                   

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