यौन शोषण के आरोपी वीरेंद्र दीक्षित के आश्रम पर सीबीआई छापा, 5 लाख का ईनाम घोषित

फर्रुखाबाद (उत्तम हिन्दू न्यूज): धर्म के नाम पर यौन शोषण करने वाले तथाकथित बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के फर्रुखाबाद स्थित कम्पिल आश्रम में सीबीआई ने बुधवार को छापेमारी की है। साथ ही, सीबीआई ने भगोड़े वीरेंद्र देव दीक्षित पर 5 लाख का ईनाम घोषित किया है। सीबीआई के अधिकारियों ने बीरेंद्र देव के आश्रम पर नोटिस भी चस्पा किया है। स्वयंभू बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित कई सालों से फरार है। 

वीरेंद्र देव दीक्षित के मामले में सीबीआई ने आईपीसी की धारा 376 (2)(f)(i)(k)(n),506 के तहत चार्जशीट दाखिल की है। फ़रवरी 2018 में हाईकोर्ट के आदेश के बाद एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच में पता लगा था कि वीरेद्र देव दीक्षित आध्यात्म का आश्रम था, शिकायतकर्ता पीड़िता इस समय नाबालिग थी और उसके साथ अलग अलग आश्रमो में रेप किया गया।

जून 1999 में उसे जान से मारने की धमकी दी गई थी। इन आरोपो पर जांच की गई और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई। इससे पहले एक मारपीट वाले केस में भी बाबा वीरेद्र देव के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। वीरेन्द देव दीक्षित के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है और एलओसी भी खोली का चुकी है और इस पर 5 लाख का ईनाम भी सीबीआई ने घोषित किया जा चुका है।

दीक्षित के आश्रम से 41 लड़कियों को छुड़ाया गया था
दिल्ली के रोहिणी इलाके में धर्म के नाम पर यौन शोषण करने वाले तथाकथित बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रम से (23 दिसंबर) को भी पुलिस ने कई लड़कियों को रिहा करवाया था। इससे पहले इस आश्रम से करीब 41 लड़कियों को छुड़ाया गया है। रोहिणी के विजय विहार में खुद को बाबा बताने वाला वीरेंद्र देव दीक्षित आध्यात्मिक विश्वविद्यालय नाम से एक आश्रम चला रहा था।

कई लोगों ने आरोप लगाया था कि बाबा यहां बंधक बना कर रखी गईं कम उम्र लड़कियों को दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न का शिकार बनाता रहा है। हाईकोर्ट की ओर से नियुक्त टीम ने 9 घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था जिसके इस दौरान 41 लड़कियों को वहां से मुक्त कराया गया था।