सावधान : PUBG की लत है खतरनाक, हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियां

11:19 AM Jul 22, 2019 |

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) - आज समय में हर किसी पर पबजी का भूत सवार है। आपकी कहीं भी नजर पड़ेगी तो आपको ज्यादातर युवा फोन में पबजी खेलते ही मिलेंगी। मेट्रो स्टेशन, रेलवे, बस स्टैंड, कहीं भी आप सफर करते होंगे तो आपको पबजी खेलते हुए लोग मिल ही जाएंगे। पबजी के चक्कर में बच्चे घरों में चोरियां तक करते हैं। इस गेम ने अब तक कई जाने ले ली है। 
कुछ दिन पहले ही महाराष्ट्र के ठाणे में एक किशोर ने अपने बड़े भाई की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी क्योंकि उसे पबजी खेलने से मना किया था। ऐसी कई घटनाएं आपको मिल जाएंगी, जो आपको सोचने पर मजबूर कर देंगी कि क्या पबजी वाकई इतना खतरनाक है? आज हम आपको इस रिपोर्ट में पबजी से होने वाली बीमारियों के बारे में बताएंगे।

हिंसक प्रवृति में वृद्धि
अन्य वीडियो गेम की तरह ही पबजी भी एक हिंसक गेम है जिसमें प्लेयर्स दूसरे प्लेयर्स को जान से मारते हैं। लगातार इस गेम को खेलने पर इंसानों की हिंसक प्रवृति में वृद्धि हो सकती है। हिंसक होने के डर से ही चीन सरकार ने पबजी को बैन कर रखा है। इस गेम की वजह से लोगों में गुस्सा, हिंसक सोच और हिंसक व्यवहार देखे जा रहे हैं।

जरूरी कामों से दरकिनार
पबजी गेम खेलने के कारण लोग दिनभर व्यस्त रह रहे हैं और अपने अन्य कामों को दरकिनार कर रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में तलाक का सबसे बड़ा कारण वीडियो गेम है। वीडियो गेम की लत में आप अपना समय भी बर्बाद करते हैं।

दुनिया समाज से हो रहे अलग
पबजी खेलने के दौरान गेम के प्लेयर्स से ही चैटिंग करते हैं। ऐसे में आप दुनिया और समाज से अलग हो जाते हैं। आपको जब भी समय मिलता है, तो आप गेम ही खेलते हैं। समाज से आपका कोई सरोकार नहीं रह जाता। आप घर में ही रहना पसंद करने लगते हैं। ऐसे में आप बाहरी लोगों से मिल नहीं पाते हैं।

गेम खेलना सेहत के लिए सही नहीं
एक ही जगह बैठकर लगातार गेम खेलना किसी ही सूरत में सेहत के लिए सही नहीं है। चाहे आप फोन पर गेम खेल रहे हों या कंप्यूटर पर, दोनों ही स्थिति में आपकी आंखों पर गलत प्रभाव पड़ता है और आंखें खराब भी हो सकती हैं। ऐसे में आपको सिर दर्द की भी समस्या हो सकती है। इसके अलावा आपकी पीठ में भी दर्द की शिकायत हो सकती है।

मानसिक विकृति के लिए वीडियो गेम जिम्मेदार
साल 2018 में WHO ने मानसिक विकृति के लिए वीडियो गेम की लत को जिम्मेदार बताया था। वीडियो गेम की वजह से लोगों में अवसाद (डिप्रेशन) की समस्या देखी जा रही है। लगातार पबजी गेम खेलने से आपके अंदर चिड़चिड़ेपन की भी समस्या हो सकती है और आप अकेलापन महसूस कर सकते हैं।

ना सोने की आदत
इसके पीछे दो कारण हैं। पहला यह कि गेम खत्म नहीं होने के चलते आप सोने नहीं जाते हैं और दूसरा ज्यादा देर तक स्क्रीन पर देखने के कारण चाहने के बाद भी आपको नींद नहीं आती है।

पबजी का सबसे खराब असर पढ़ाई पर
पबजी का सबसे खराब असर पढ़ाई पर पड़ता है। लगातार गेम खेलने में व्यस्त रहने के कारण आपकी पढ़ाई नहीं हो पाती है। फलस्वरूप परीक्षा परिणाम भी खराब आता है। ऐसे में आपको इसके बारे में सोचना चाहिए और पबजी गेम खेलना बंद करना चाहिए। इस बात को हमेशा याद रखें, यह सिर्फ एक वीडियो गेम है और इसमें दुनिया खत्म हो नहीं होगी।