कैप्टन के मंत्रियों को अब धर्म व गुरु की बात करने का कोई हक नहीं : संधवा

-कांग्रेस राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए ले रही है धर्म का सहारा 
चंडीगढ़ (विज):
आम आदमी पार्टी पंजाब किसान विंग के अध्यक्ष और कोटकपूरा से विधायक कुलतार सिंह संधवा ने कहा कि चुनाव से पहले सत्ता पर काबिज होने के लिए पवित्र श्री गुटका साहिब को हाथ में पकड़कर झूठी कसम खाने वाले मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के मंत्रियों को अब धर्म और गुरु की बात करने का हक नहीं है। कांग्रेसियों ने भोले-भाले लोगों की वोटें हासिल करने के लिए झूठी कसम खाई थी और जैसे ही कुर्सी मिली तो तुरंत कसम से पलट गए। जिस कारण पंजाब के लोगों की भावनाओं को भारी ठेस पहुंची है।  

'आपÓ नेता ने कहा कि पहले बादल दल धर्म के नाम पर लोगों से वोट मांगते रहे और सत्ता पर काबिज होने बाद सब कुछ भूल जाते। धर्म के नाम पर वोट मांगने वाला बादल लोगों को लूट अपनी जायदाद में वृद्धि करता रहा। कांग्रेस भी बादलों की तरह ही धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है। कांग्रेसी नेता अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए धर्म का सहारा ले रहे हैं।

संधवा ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा की ओर से 'आपÓ पर धर्म के मामले में हस्तेक्षप करने के लगाए गए दोषों को नकारते हुए कहा कि मंत्री रंधावा भी उसी टीम के मैंबर हैं, जिसका कैप्टन श्री गुटका साहिब की कसम खा कर पलट गया। उन्होंने कहा कि क्या मंत्री रंधावा बताऐंगे कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी और शहीद सिखों के दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने का जो वायदा किया था, उसका क्या हुआ या फिर रंधावा भी अपने मुख्यमंत्री कैप्टन की तरह कसम खा कर पलट गए हैं। 

उन्होंने कहा कि दूसरों पर दोष लगाने वाले सुखजिन्दर सिंह रंधावा उन बातों का जवाब दें जो वोट लेने की खातिर लोगों के साथ धार्मिक ग्रंथ हाथ में पकड़कर वायदे किए थे, क्या वह पूरे किए? वह लोगों से माफी मांगें क्योंकि उन्होंने कुर्सी के लालच में आकर झूठी कसमें खाकर लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने रंधावा को सवाल किया कि वह मुख्यमंत्री को पूछें कि बादल परिवार के खि़लाफ़ आज तक उन्होंने कोई भी कार्रवाई क्यों नहीं की?
उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा बताएं जब उन्होंने विधान सभा में ख़ुद यह माना था कि उनकी सरकार बरगाड़ी कांड के दोषियों को सजा दिलाने में फेल साबित हुए है और उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के समक्ष झोली फैलाते हुए कहा था कि उनकी झोली में इन्साफ की भीख दे दें। अब वह अपनी बात से क्यों पलट गए हैं? उन्होंने कहा कि कांग्रेस खुद को धर्म निष्पक्ष पार्टी कहती है, वास्तव में वह दोगली नीति के तहत पंजाब में काम कर रही है। जब कांग्रेसी नेताओं को महसूस होता है कि अब उनकी कुर्सी खतरे में है तो वह बादलों की तरह ही धर्मिक पत्ता खेलने से पीछे नहीं हटते।