CAPTAIN vs KHATTAR : कैप्टन का हमला, सीधे मेरे मोबाइल पर क्यों नहीं किया फोन- खट्टर बोले, अमरिंदर की भाषा ओछी

चंडीगढ़ (उत्तम हिन्दू न्यूज)-किसानों के मुद्दे पर पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के बीच एक बार फिर वाकयुद्ध शुरू हो गया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कैप्टन पर निशाना साधते हुए कहा कि ओछी भाषा का इस्तेमाल किसी मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता है। इस प्रकार की मानसिकता संस्कारों के साथ जुड़ी है। एक मुख्यमंत्री को दूसरे मुख्यमंत्री के बारे में ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसी भाषा पर मुझे प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता नहीं है। सोशल मीडिया के माध्यम से जनता पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा की निंदा कर रही है। ऐसा व्यवहार करना मेरे संस्कार में नहीं है।

उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने हरियाणा में खट्टर द्वारा जारी किए गए तथाकथित कॉल रिकार्ड को मुकम्मल तौर पर ढकोसला बताते हुए रद्द कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अपने ही सरकारी रजिस्टर का पन्ना दिखाने से एम.एल. खट्टर के झूठ पर पर्दा नहीं पड़ सकता और यदि वह सचमुच ही संपर्क साधना चाहते थे तो वह अधिकारित विधि इस्तेमाल कर सकते थे या फिर उनके मोबाइल फ़ोन पर कॉल कर सकते थे। खट्टर द्वारा अपने दावे सिद्ध करने के लिए की गई निराश कोशिशों को रद्द करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि कॉल रिकार्ड की कॉपियां जिनमें हरियाणा के मुख्यमंत्री के कार्यालय द्वारा उनके साथ संपर्क करने की कोशिशों को दिखाने का यत्न किया गया है, जारी करने से खट्टर की पाखंडबाजी का और भी अधिक पर्दाफाश हुआ है। पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि खट्टर के कार्यालय द्वारा मेरे निवास पर कॉल की भी गई थी तो यह कॉल एक अटैडैंट को ही क्यों की गई। मेरे साथ संपर्क कायम करने के लिए अधिकारिक तरीके का प्रयोग क्यों नहीं किया गया?

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार के सर्वोच्च अधिकारी जिनमें प्रमुख सचिव और डी.जी.पी. स्तर के अधिकारी शामिल हैं, किसान मुद्दे पर पिछले कई दिनों से दोनों तरफ से एक-दूसरे के संपर्क में थे, इनमें से भी किसी अधिकारी ने किसी भी मौके पर मेरे साथ बात करने संबंधी खट्टर की इच्छा बारे नहीं बताया। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि हरियाणा में उनके हमरुतबा की किसानों के 'दिल्ली चलो' मार्च के ऊँचे नैतिक आधार पर काबिज़ होने की कोशिश निराशाजनक थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले बीते समय में खट्टर ने मेरे साथ संपर्क करने के लिए कितनी बार अटैडैंट वाले चैनल का प्रयोग किया है? उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री को झूठ बोलना बंद करने के लिए कहा।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि मेरे निवास पर मेरा अटैडैंट प्रात:काल 9 बजे से शाम 5 बजे तक फ़ोन कॉल सुनता है क्योंकि मैं अपने स्टाफ सदस्यों का शोषण करने में विश्वास नहीं करता। खट्टर सीधा अपना फ़ोन उठाकर मेरे मोबाइल फ़ोन पर कॉल कर सकता था।

हरियाणा के मुख्यमंत्री द्वारा टिप्पणी कि यदि अब कोविड किसानों के विरोध के कारण फैलता है तो इसके लिए अमरिन्दर सिंह जि़म्मेदार होगा, इस पर खट्टर पर बरसते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि वह (खट्टर) हरियाणा राज्य, जिसका ट्रैक रिकार्ड महामारी के मामले में काफ़ी बुरा रहा है, में किसानों के कारण कोविड फैलने सम्बन्धी इतने चिंतित थे तो उनको किसानों को राज्य में ही न रोककर तुरंत दिल्ली की तरफ जाने की आज्ञा देनी चाहिए थी।

वहीं हरियाणा के सीएम खट्टर ने पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधियों द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह के बाद  पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कोरोना महामारी के मद्देनजर हम सभी को अपनी-अपनी जिम्मेवारी निभानी चाहिए लेकिन हैरानी है कि ऐसे समय में पंजाब सरकार ने गैर जिम्मेदाराना व्यवहार का प्रदर्शन कर इस प्रकार की स्थिति पैदा की। यदि कोरोना को लेकर कोई भंयकर स्थिति बनती है तो इसके लिए पंजाब सरकार पूरी तरह से जिम्मेवार होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एकदम झूठ है कि उन्होंने बातचीत का प्रयास नहीं किया। किस-किस समय पर उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री से बातचीत को लेकर प्रयास किए थे, यह रिकॉर्ड दे दिया गया है। वर्तमान आंदोलन पंजाब कॉग्रेंस द्वारा पूरी तरह से प्रायोजित है। कोरोना की महामारी भंयकर स्वरूप न ले, इसलिए आंदोलन को लेकर सरकार द्वारा एहतियातन कदम उठाए गए थे। केन्द्रीय गृह मंत्री ने आंदोलनकारियों से बातचीत करने को कहा है। जैसे ही सभी बुराड़ी के मैदान में आ जाएंगे, उनसे बातचीत कर समाधान निकाला जाएगा।

आगामी पंचायती राज चुनावों के बारे में उन्होंने कहा कि सीधे चुनावों वाले पदों पर यदि सर्वसम्मति से कोई चुनाव होता है तो हरियाणा सरकार संबंधित क्षेत्र को विकास कार्यों के लिए विशेष ग्रांट देने की योजना पर विचार कर रही है। संभवत चुनाव से पहले इसकी घोषणा कर दी जाएगी।