किसानों के घेरे में राजधानी, सभी बॉर्डरों पर डाला डेरा- अमित शाह का प्रस्ताव मानने को तैयार नहीं किसान

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): नए कृषि कानून के विरोध में सड़कों पर उतरे किसान संगठनों का प्रदर्शन रविवार को चौथे दिन भी जारी है। देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे पंजाब और हरियाणा के किसानों के साथ उत्तर प्रदेश व अन्य प्रांतों के किसान भी जुड़ गए हैं। पंजाब, हरियाणा और यूपी के लाखों किसानों ने दिल्ली की सभी सीमाओं पर डेरा डाल दिया है। लगभर पूरी दिल्ली अब किसानों के घेरे में घिर गई है।

Farmers Agitation

सरकार ने किसानों से आंदोलन का रास्ता छोड़कर बातचीत के जरिए मसले का समाधान करने की अपील की है। गृहमंत्री अमित शाह ने किसानों से दिल्ली में बुराड़ी के निर्धारित ग्राउंड में शिफ्ट होने की अपील की है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि बुराड़ी ग्राउंड में किसानों के शिफ्ट होने के दूसरे ही दिन सरकार उनकी मांगों पर चर्चा करने के लिए तैयार है, लेकिन किसान सिंघू और टीकरी बॉर्डर पर जमे हैं। इनका कहना है कि हमें जंतर मंतर जाने की इजाजत दी जाए, नहीं तो यहीं प्रदर्शन करेंगे। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) समेत कई अन्य संगठनों से जुड़े किसान नेता दिल्ली की सीमाओं पर डेरा जमाए हुए हैं। उनके साथ लाखों की तादाद में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रदर्शन कर रहे किसानों से बुराड़ी शिफ्ट होने की अपील करने के कारण प्रदर्शनकारी किसान नाखुश हैं। उनका कहना है कि गृहमंत्री की यह शर्त ठीक नहीं है। किसान आज बैठक करने के बाद अपने आंदोलन को लेकर फैसला लेंगे कि उन्हें शाह की शर्त माननी है या नहीं।

मेरठ से दिल्ली कूच कर रहे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने यूपी बॉर्डर पर पहुंचने से पहले राजधानी में डेरा डालने का इशारा किया है। उन्होंने कहा कि हमारे बड़े-बुजुर्ग कह रहे हैं इसलिए दिल्ली की 26 जनवरी की परेड जरूर देखेंगे। किसान दिल्ली में अब 26 जनवरी और 15 अगस्त सब देखेगा यानि कृषि कानून वापस नहीं लिए जाने तक भाकियू केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जारी रहेगा।